अग्नि-3 (Agni-3) बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण
भारत ने 6 फरवरी 2026 को ओडिशा तट के चांदीपुर से परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम अग्नि-3 (Agni-3) बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया। इस मिसाइल की मारक क्षमता 3,000 किलोमीटर से अधिक है।
सतह से सतह पर मार करने वाली इस मिसाइल का प्रक्षेपण स्ट्रैटेजिक फोर्सेस कमांड (SFC) के कर्मियों द्वारा एक नियमित प्रशिक्षण अभ्यास के हिस्से के रूप में मोबाइल लॉन्चर से किया गया। परीक्षण के लिए मिसाइल को उत्पादन खेप (production lot) से रैंडम तरीके से चुना गया था। ‘ऑटो-लॉन्च’ कमांड दिए जाने के बाद, दो चरणों वाली इस ठोस-प्रणोदक (solid-propelled) मिसाइल ने निर्धारित उड़ान पथ पर उड़ान भरी और बंगाल की खाड़ी में पूर्व-निर्धारित लक्ष्य क्षेत्र पर सटीकता के साथ प्रहार किया।
अग्नि-3 मिसाइल की मुख्य विशेषताएं:
- सटीकता: यह अपनी श्रेणी की सबसे परिष्कृत और सटीक मिसाइलों में से एक है और इसे पहले ही सशस्त्र बलों में शामिल किया जा चुका है।
- पेलोड क्षमता: यह मिसाइल 1.5 टन वजनी पेलोड (हथियार) को 3,000 किलोमीटर से अधिक की दूरी तक ले जाने में सक्षम है।
- रणनीतिक महत्व: यह परीक्षण भारत की परमाणु प्रतिरोधक क्षमता (nuclear deterrence) और सेना की परिचालन तैयारियों को और मजबूत करता है।


