अमरावती क्वांटम वैली
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 7 फरवरी को अमरावती राजधानी क्षेत्र के थुल्लूर मंडल स्थित उद्दंडरायनिपालम गांव में देश की पहली क्वांटम टेक्नोलॉजी वैली की आधारशिला रखी है।
जिस प्रकार सिलिकॉन वैली ने वैश्विक आईटी क्रांति का नेतृत्व किया, उसी तरह अमरावती क्वांटम वैली को बोस्टन, सिंगापुर और शंघाई जैसे वैश्विक क्वांटम केंद्रों के समकक्ष खड़े होने के लिए परिकल्पित किया गया है। अमरावती में आकार ले रही यह क्वांटम वैली एक बड़े मील के पत्थर के रूप में स्थापित होगी।
IBM, TCS और L&T जैसी प्रमुख कंपनियां भारत के पहले 133-क्यूबिट (qubit) क्वांटम कंप्यूटर को अमरावती में लाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। यह केंद्र क्वांटम कंप्यूटिंग, क्वांटम संचार, क्वांटम सेंसर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), साइबर सुरक्षा, रक्षा, स्वास्थ्य सेवा और वित्त सहित महत्वपूर्ण क्षेत्रों में अनुसंधान, नवाचार, विनिर्माण और कौशल विकास के लिए एक हब के रूप में कार्य करेगा।
क्वांटम वैली के मुख्य स्तंभ:
- 133-क्यूबिट कंप्यूटर: यह उच्च-स्तरीय गणनाओं के लिए भारत की तकनीकी क्षमता को वैश्विक स्तर पर ले जाएगा।
- वैश्विक प्रतिस्पर्धा: इसका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय तकनीकी केंद्रों के साथ प्रतिस्पर्धा करना है।
- बहुआयामी क्षेत्र: यह केवल कंप्यूटर तक सीमित नहीं है, बल्कि रक्षा और स्वास्थ्य जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भी नवाचार लाएगा।


