डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI) पर 23 देशों के साथ समझौता ज्ञापन
भारत ने अपनी डिजिटल पब्लिक इन्फ्रास्ट्रक्चर (DPI) क्षमताओं को वैश्विक स्तर पर साझा करने के उद्देश्य से 23 देशों के साथ समझौता ज्ञापनों (MoUs) और सहयोग समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके साथ ही भारत की प्रमुख डिजिटल भुगतान प्रणाली यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) अब आठ देशों में सक्रिय (लाइव) हो चुकी है। यह जानकारी सरकार ने संसद को दी।
इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने राज्यसभा में एक लिखित उत्तर में बताया कि ये समझौते इंडिया स्टैक पहल के अंतर्गत किए गए हैं। इनका उद्देश्य डिजिटल पहचान, भुगतान प्रणाली, डेटा एक्सचेंज और सेवा वितरण जैसे क्षेत्रों में भारत के डिजिटल प्लेटफॉर्म्स को अन्य देशों द्वारा अपनाने में सहयोग करना है।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यूपीआई का विस्तार
भारत की प्रमुख डिजिटल भुगतान प्रणाली यूपीआई अब संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), सिंगापुर, भूटान, नेपाल, श्रीलंका, फ्रांस, मॉरीशस और कतर सहित आठ से अधिक देशों में चालू हो चुकी है। अधिकारियों के अनुसार, इससे सीमापार भुगतान और रेमिटेंस को बढ़ावा मिलेगा तथा वित्तीय समावेशन को मजबूती मिलेगी।
इंडिया स्टैक और डीपीआई कूटनीति
डीपीआई सहयोग ढांचे के तहत साझेदार देशों को आधार (डिजिटल पहचान), डिजीलॉकर (डिजिटल दस्तावेज), कोविन (स्वास्थ्य सेवा मंच), और सरकारी ई-मार्केटप्लेस (GeM) जैसे भारतीय डिजिटल प्लेटफॉर्म्स का अनुभव और तकनीकी सहयोग प्रदान किया जाएगा।
सरकार इंडिया स्टैक ग्लोबल पोर्टल और ग्लोबल डीपीआई रिपॉजिटरी के माध्यम से इन डिजिटल समाधानों को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा दे रही है।
रणनीतिक महत्व
इन समझौतों में शामिल 23 देश अफ्रीका, एशिया, लैटिन अमेरिका, कैरिबियन और ओशिनिया क्षेत्रों से हैं। यह पहल भारत को डिजिटल गवर्नेंस और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना में वैश्विक नेतृत्वकर्ता के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।


