भारत ‘ब्रिक्स औद्योगिक सक्षमता केंद्र (BCIC) में शामिल हुआ

भारत आधिकारिक तौर पर ब्रिक्स औद्योगिक सक्षमता केंद्र (BRICS Centre for Industrial Competencies – BCIC) में शामिल हो गया है। इसका उद्देश्य ब्रिक्स देशों में विनिर्माण कंपनियों और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs) को एकीकृत सहायता सेवाएँ प्रदान करना है।


BCIC में भारत की भागीदारी और कार्यान्वयन

नई दिल्ली में उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में भारत इस केंद्र का हिस्सा बना।

  • नोडल एजेंसी: वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय ने राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (NPC) को ‘ब्रिक्स औद्योगिक सक्षमता के लिए भारत केंद्र’ के रूप में नामित किया है।
  • NPC की भूमिका: राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद BCIC के साथ भारत के जुड़ाव का नेतृत्व करेगी। यह क्षमता निर्माण, उत्पादकता बढ़ाने और उन्नत विनिर्माण प्रथाओं (Advanced Manufacturing Practices) को अपनाने में योगदान देगी।

BCIC का उद्देश्य और वैश्विक सहयोग

BCIC को संयुक्त राष्ट्र औद्योगिक विकास संगठन (UNIDO) के साथ साझेदारी में लॉन्च किया गया है।

  • नवाचार और आधुनिकीकरण: इसका मुख्य लक्ष्य ब्रिक्स अर्थव्यवस्थाओं में औद्योगिक नवाचार और आधुनिकीकरण को बढ़ावा देना है।
  • अंतर्राष्ट्रीय सहयोग: यह केंद्र ब्रिक्स देशों के बीच और उनके बाहर भी अंतर्राष्ट्रीय औद्योगिक सहयोग को सुगम बनाएगा।
  • MSME सहायता: यह विशेष रूप से छोटे और मध्यम उद्योगों को वैश्विक प्रतिस्पर्धी बनाने के लिए तकनीक और कौशल प्रदान करेगा।
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