‘SHE-Mart’ क्या है?
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ₹53.4 लाख करोड़ के केंद्रीय बजट 2026-27 में ग्रामीण महिला नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए ‘SHE-Marts’ स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है।
‘SHE-Mart’ का अर्थ और उद्देश्य
- पूरा नाम: यहाँ ‘SHE’ का अर्थ ‘Self-Help Entrepreneur’ (स्वयं सहायता उद्यमी) है।
- लक्ष्य: इसका उद्देश्य महिला उद्यमियों को बेहतर बाजार पहुंच, ब्रांडिंग के अवसर और स्थायी आय के रास्ते प्रदान करना है।
- मजबूत ढांचा: यह स्वयं सहायता समूहों (SHGs) जैसे जमीनी स्तर के संस्थानों को सशक्त बनाएगा।
प्रमुख विशेषताएं
- सामुदायिक स्वामित्व: SHE-Marts को ‘क्लस्टर-स्तरीय संघों’ (Cluster-level Federations) के भीतर सामुदायिक स्वामित्व वाले रिटेल आउटलेट के रूप में स्थापित किया जाएगा।
- अभिनव वित्तपोषण: इन्हें उन्नत और नवीन वित्तीय साधनों (innovative financing instruments) के माध्यम से सहायता प्रदान की जाएगी।
- लखपति दीदी का विस्तार: यह परियोजना ‘लखपति दीदी’ कार्यक्रम की सफलता पर आधारित है। वित्त मंत्री के अनुसार, यह महिलाओं को केवल ‘ऋण-आधारित आजीविका’ से आगे बढ़कर ‘उद्यमों का मालिक’ बनाने की दिशा में अगला कदम है।
आर्थिक प्रभाव
यह पहल ग्रामीण उत्पादों को एक पेशेवर पहचान (Branding) देगी, जिससे वे बड़े बाजारों में स्थापित ब्रांडों के साथ प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे और बिचौलियों की भूमिका कम होने से महिलाओं की आय में सीधी वृद्धि होगी।


