केंद्रीय बजट 2026-27: भारत की ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ के लिए कई महत्वपूर्ण पहलों की घोषणा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने केंद्रीय बजट 2026-27 में भारत की ‘ऑरेंज इकोनॉमी’ (Orange Economy) को मजबूत करने और रचनात्मक शिक्षा के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण पहलों की घोषणा की है। इस योजना में विशेष रूप से युवाओं और महिलाओं पर ध्यान केंद्रित किया गया है।

संसद में बजट पेश करते हुए, वित्त मंत्री ने भारत के एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स (AVGC) क्षेत्र की तीव्र वृद्धि पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि 2030 तक इस क्षेत्र में लगभग 20 लाख कुशल पेशेवरों की आवश्यकता होने का अनुमान है।

प्रमुख घोषणाएं और पहल:

  • AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब्स: इस मांग को पूरा करने के लिए सरकार इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज (IICT), मुंबई को सहायता प्रदान करेगी। इसके माध्यम से देशभर के 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 कॉलेजों में ‘AVGC कंटेंट क्रिएटर लैब’ स्थापित किए जाएंगे।
  • उद्देश्य: इन प्रयोगशालाओं का उद्देश्य रचनात्मक शिक्षा तक पहुंच बढ़ाना, छात्रों को उद्योग-संबंधित कौशल से लैस करना और एनीमेशन, गेमिंग, विजुअल इफेक्ट्स और डिजिटल स्टोरीटेलिंग में करियर के नए रास्ते खोलना है।

‘ऑरेंज इकोनॉमी’ क्या है?

‘ऑरेंज इकोनॉमी’ अर्थव्यवस्था के उस हिस्से को संदर्भित करती है जो रचनात्मकता, संस्कृति और बौद्धिक संपदा से संचालित होती है। यहाँ मूल्य मुख्य रूप से भौतिक वस्तुओं के बजाय विचारों, ज्ञान, कलात्मक अभिव्यक्ति और सांस्कृतिक सामग्री से उत्पन्न होता है।

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