CISF वंदे मातरम कोस्टल साइक्लोथॉन-2026
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने 28 जनवरी को ‘CISF वंदे मातरम कोस्टल साइक्लोथॉन-2026’ की शुरुआत की। यह एक राष्ट्रव्यापी जनसंपर्क और जागरूकता पहल है, जिसका उद्देश्य सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से तटीय सुरक्षा को मजबूत करना है।
भारत की तटरेखा: आर्थिक और सामरिक महत्व
भारत की तटरेखा 72 जिलों में फैली हुई है और यहाँ देश की लगभग 18 प्रतिशत आबादी निवास करती है।
- व्यापारिक केंद्र: भारत के 12 प्रमुख बंदरगाहों और 200 से अधिक छोटे व मध्यम बंदरगाहों के माध्यम से मात्रा (Volume) के हिसाब से लगभग 95% और मूल्य के हिसाब से 70% व्यापार होता है।
- महत्वपूर्ण प्रतिष्ठान: यह तटीय पट्टी रक्षा, अंतरिक्ष, परमाणु ऊर्जा, पेट्रोलियम और शिपिंग से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों की मेजबानी करती है।
- क्षेत्रफल: यह हिस्सा भारत के मुख्य भूभाग के लगभग 12 प्रतिशत क्षेत्र को कवर करता है और यहाँ 3,300 से अधिक तटीय गाँव बसे हैं।
सुरक्षा पहल और ‘सागर’ विजन
यह साइक्लोथॉन अन्य प्रमुख तटीय सुरक्षा उपायों के साथ तालमेल बिठाता है, जैसे:
- ऑपरेशन सजग (Operation Sajag)
- तटीय पुलिस स्टेशनों और संयुक्त संचालन केंद्रों (Joint Operations Centres) के साथ समन्वय।
- प्रधानमंत्री का SAGAR दृष्टिकोण— Security and Growth for All in the Region (क्षेत्र में सभी के लिए सुरक्षा और विकास)।
व्यापक जनभागीदारी
CISF के अनुसार, इस पहल में जमीनी स्तर पर 25 लाख से अधिक लोगों ने भाग लिया और 2.5 करोड़ से अधिक नागरिकों ने डिजिटल माध्यम से अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इस आयोजन में 1,100 से अधिक पंजीकृत साइकिल चालकों ने हिस्सा लिया।


