यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL) को मिनीरत्न श्रेणी-I का दर्जा
रक्षा मंत्रालय ने यंत्र इंडिया लिमिटेड (YIL) को मिनीरत्न श्रेणी-I (Miniratna Category-I) का दर्जा प्रदान कर कंपनी के कायाकल्प पर मुहर लगा दी है। आयुध निर्माणी बोर्ड (OFB) के निगमीकरण के बाद बनी यह कंपनी अब एक लाभदायक रक्षा सार्वजनिक क्षेत्र उपक्रम (DPSU) के रूप में उभरी है।
शानदार वित्तीय प्रदर्शन (एक नजर में)
कंपनी ने पिछले कुछ वर्षों में अपनी बिक्री और निर्यात में अभूतपूर्व वृद्धि दर्ज की है:
| विवरण | वित्त वर्ष 2021-22 (H2) | वित्त वर्ष 2024-25 |
| कुल बिक्री | ₹956.32 करोड़ | ₹3,108.79 करोड़ |
| निर्यात (Exports) | शून्य | ₹321.77 करोड़ |
मिनीरत्न दर्जे के लाभ और वित्तीय स्वायत्तता
‘मिनीरत्न श्रेणी-I’ का दर्जा मिलने से YIL के बोर्ड को अब निम्नलिखित शक्तियाँ प्राप्त होंगी:
- पूंजीगत व्यय (Capex): बोर्ड अब नए प्रोजेक्ट्स, आधुनिकीकरण और उपकरणों की खरीद के लिए ₹500 करोड़ तक के खर्च को बिना सरकारी मंजूरी के स्वीकृत कर सकता है।
- त्वरित निर्णय: इस स्वायत्तता से रक्षा उत्पादन और निर्यात के क्षेत्र में निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी।
YIL का उत्पाद पोर्टफोलियो
यंत्र इंडिया लिमिटेड भारतीय सेना के लिए महत्वपूर्ण उपकरणों का निर्माण करती है, जिनमें शामिल हैं:
- मध्यम और बड़े कैलिबर गोला-बारूद की असेंबली।
- कार्बन फाइबर कंपोजिट और ग्लास कंपोजिट।
- बख्तरबंद वाहन (Armoured vehicles), आर्टिलरी गन और मुख्य युद्धक टैंक (MBT)।
- एल्युमीनियम मिश्र धातु (Aluminium alloys)।
पृष्ठभूमि: OFB का निगमीकरण
दक्षता और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए 1 अक्टूबर, 2021 को तत्कालीन आयुध निर्माणी बोर्ड (OFB) को सात नए रक्षा उपक्रमों में विभाजित किया गया था, जिनमें से YIL एक है। यह रक्षा उत्पादन विभाग के प्रशासनिक नियंत्रण के तहत एक ‘शेड्यूल A’ कंपनी है।
मई 2025 में, रक्षा मंत्री ने तीन अन्य DPSUs को भी यह दर्जा दिया था:
- म्यूनिशन्स इंडिया लिमिटेड (MIL)
- आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड (AVNL)
- इंडिया ऑप्टेल लिमिटेड (IOL)


