AI-सक्षम राज्य विश्वविद्यालय पायलट
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (MSDE) के केंद्रीय राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार), श्री जयंत चौधरी ने नई दिल्ली में आयोजित ‘गूगल एआई फॉर लर्निंग फोरम’ (Google’s AI for Learning Forum) में शिक्षा और कौशल पारिस्थितिकी तंत्र में AI को एकीकृत करने के सरकार के दृष्टिकोण को साझा किया।
एक ऐतिहासिक साझेदारी
मंत्री महोदय ने MSDE, गूगल क्लाउड (Google Cloud) और चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU), मेरठ के बीच एक ऐतिहासिक सहयोग की घोषणा की। इस पहल के तहत CCSU मेरठ को भारत के पहले ‘AI-सक्षम राज्य विश्वविद्यालय पायलट’ के रूप में चुना गया है। यह प्रधानमंत्री के ‘प्रौद्योगिकी-संचालित विकसित भारत 2047’ के विजन को साकार करने की दिशा में एक रणनीतिक कदम है।
पायलट प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं
CCSU मेरठ AI के माध्यम से संस्थागत सुधारों के लिए एक ‘लिविंग लेबोरेटरी’ (Living Laboratory) के रूप में कार्य करेगा। इसके तहत निम्नलिखित सुविधाएं लागू की जाएंगी:
- पर्सनलाइज्ड AI ट्यूटर्स: छात्रों को उनकी व्यक्तिगत सीखने की गति के अनुसार AI आधारित ट्यूटर उपलब्ध कराए जाएंगे।
- स्किल-गैप एनालिसिस: कौशल में कमी का विश्लेषण करने के लिए AI का उपयोग किया जाएगा।
- प्रशासनिक दक्षता: प्रशासनिक कार्यों को सुव्यवस्थित करने के लिए इंटेलिजेंट डॉक्यूमेंट प्रोसेसिंग लागू की जाएगी।
भविष्य का खाका: 45,000+ कॉलेजों तक विस्तार
मंत्री जी ने स्पष्ट किया कि इस पायलट प्रोजेक्ट का लाभ CCSU से संबद्ध कॉलेजों को तुरंत मिलेगा। इसके अनुभवों के आधार पर एक ऐसा ढांचा तैयार किया जाएगा जिसे पूरे भारत के 1,200 से अधिक विश्वविद्यालयों और 45,000 से अधिक कॉलेजों में लागू किया जा सकेगा।
आईटीआई (ITI) का आधुनिकीकरण
उन्होंने सरकार की ₹60,000 करोड़ की ‘मॉडल आईटीआई योजना’ का भी उल्लेख किया। इसके माध्यम से व्यावसायिक संस्थानों (Vocational Institutions) में उन्नत बुनियादी ढांचे के साथ-साथ AI-सक्षम पाठ्यक्रम को एकीकृत किया जाएगा।


