आर्थिक समीक्षा 2025-26
भारत सरकार ने संसद में ‘आर्थिक समीक्षा 2025-26’ पेश की, जो देश की मजबूत आर्थिक स्थिति और भविष्य के सकारात्मक संकेतों को दर्शाती है। समीक्षा के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत एक ‘चमकता हुआ सितारा’ बना हुआ है और वित्त वर्ष 2027 के लिए वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 6.8% से 7.2% के बीच रहने का अनुमान है।
रिपोर्ट की प्रमुख बड़ी बातें:
1. महंगाई पर ऐतिहासिक लगाम: आम आदमी के लिए सबसे राहत की खबर यह है कि भारत में महंगाई दर (CPI) अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। अप्रैल से दिसंबर 2025 के दौरान औसत महंगाई दर मात्र 1.7% रही। खाद्य और ईंधन की कीमतों में गिरावट ने इसे काबू में रखने में मदद की है।
2. जीडीपी और विकास दर: चालू वित्त वर्ष (2025-26) में वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर 7.4% रहने का अनुमान है। सरकार का मानना है कि कृषि क्षेत्र में सुधार और ग्रामीण मांग में तेजी ने अर्थव्यवस्था को नई ताकत दी है।
3. निर्यात और विदेशी मुद्रा: भारत का निर्यात क्षेत्र नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है। वित्त वर्ष 2025 में भारत का कुल निर्यात 825.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया। साथ ही, भारत दुनिया का सबसे बड़ा प्रेषण प्राप्तकर्ता (Remittance recipient) बना हुआ है, जिससे विदेशी मुद्रा भंडार को मजबूती मिली है।
4. मैन्युफैक्चरिंग और रोजगार: ‘मेक इन इंडिया’ और पीएलआई (PLI) योजनाओं का असर जमीन पर दिख रहा है। विनिर्माण क्षेत्र ने वित्त वर्ष 2026 की पहली छमाही में 7.0% की दर से विकास किया है। सितंबर 2025 तक पीएलआई योजनाओं के माध्यम से लगभग 12.6 लाख नए रोजगार के अवसर पैदा हुए हैं।
5. राजकोषीय मजबूती और रेटिंग: भारत के बेहतर आर्थिक प्रबंधन को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय रेटिंग एजेंसियों (जैसे S&P ग्लोबल और मॉर्निंगस्टार) ने भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग में सुधार किया है। सरकार का टैक्स कलेक्शन (GST और इनकम टैक्स) भी लगातार बढ़ रहा है। आयकर रिटर्न भरने वालों की संख्या वित्त वर्ष 2022 के 6.9 करोड़ से बढ़कर वित्त वर्ष 2025 में 9.2 करोड़ हो गई है।
6. कृषि और उद्योग:
- कृषि: अच्छे मानसून के चलते कृषि क्षेत्र में 3.1% की वृद्धि का अनुमान है।
- उद्योग: दिसंबर 2025 में औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) 7.8% रहा, जो पिछले दो वर्षों का उच्चतम स्तर है।


