होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ा तनाव
फारस की खाड़ी के मुहाने पर स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण ‘होर्मुज जलडमरूमध्य’ (Strait of Hormuz) एक बार फिर वैश्विक तनाव का केंद्र बन गया है। ताजा रिपोर्टों के अनुसार, ईरान इस क्षेत्र में एक बड़ा सैन्य अभ्यास शुरू करने की तैयारी कर रहा है, जिसके दौरान उन समुद्री मार्गों में गोलाबारी की आशंका है जो वैश्विक शिपिंग के लिए जीवन रेखा माने जाते हैं।
क्यों खास है यह जलमार्ग?
अंतरिक्ष से एक घुमावदार मोड़ की तरह दिखने वाला यह जलडमरूमध्य अपनी भौगोलिक बनावट के कारण बेहद संवेदनशील है।
- चौड़ाई: अपने सबसे संकरे बिंदु पर इसकी चौड़ाई मात्र 33 किलोमीटर (21 मील) है।
- कनेक्टिविटी: यह फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है, जहाँ से जहाज दुनिया के अन्य हिस्सों की ओर प्रस्थान करते हैं।
- कानूनी स्थिति: हालांकि ईरान और ओमान के क्षेत्रीय जल क्षेत्र इस जलडमरूमध्य में आते हैं, लेकिन इसे एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग माना जाता है, जिसका उपयोग सभी जहाज कर सकते हैं।
क्षेत्रीय भूगोल और सामरिक स्थिति
यह जलडमरूमध्य उत्तर में ईरान को दक्षिण में अरब प्रायद्वीप पर स्थित ओमान के मुसंदम क्षेत्र (Musandam exclave) से अलग करता है।
- ईरानी प्रभाव: इसके उत्तरी तट पर ईरान का महत्वपूर्ण बंदरगाह ‘बंदर अब्बास’ स्थित है, जो आर्थिक और सैन्य दोनों दृष्टि से अहम है। इसके पास ही केश्म (Qeshm), होर्मुज, हेंग़ाम और लारक जैसे ईरानी द्वीप स्थित हैं।
- पड़ोसी देश: संयुक्त अरब अमीरात (UAE), जो अपनी गगनचुंबी इमारतों और दुबई जैसे शहर के लिए जाना जाता है, भी इस जलमार्ग के करीब स्थित है। मुसंदम प्रायद्वीप के दोनों ओर से इसकी दूरी लगभग 65 से 80 किलोमीटर है।


