डूम्सडे क्लॉक

27 जनवरी को, ‘बुलेटिन ऑफ द एटॉमिक साइंटिस्ट्स’ ने अपनी ‘कयामत की घड़ी’ (Doomsday Clock) को घटाकर आधी रात से मात्र 85 सेकंड पहले कर दिया है। यह इस प्रतीकात्मक घड़ी के इतिहास में वैश्विक तबाही के बिंदु के सबसे करीब का समय है।

‘आधी रात’ (Midnight) का अर्थ क्या है?

इस घड़ी में ‘आधी रात’ (Midnight) उस क्षण का प्रतिनिधित्व करती है, जब मानवीय गतिविधियां पृथ्वी को रहने के लिए पूरी तरह अयोग्य बना देंगी। दूसरे शब्दों में, यह मानवता के विनाश का प्रतीक है।

2. ऐतिहासिक महत्व

इस घड़ी का सबसे बड़ा योगदान यह है कि इसने परमाणु युद्ध जैसे जटिल और तकनीकी खतरे को एक सार्वभौमिक प्रतीक (Universal Symbol) में बदल दिया, जिसे हर कोई समझ सकता है। यह दुनिया को खतरे की गंभीरता और तात्कालिकता का अहसास कराती है।


3. संगठन और उत्पत्ति

  • स्थापना: 1945 में उन वैज्ञानिकों के एक समूह द्वारा की गई जिन्होंने ‘मैनहट्टन प्रोजेक्ट’ (द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान परमाणु बम बनाने का गुप्त प्रोजेक्ट) पर काम किया था।
  • उद्देश्य: शुरुआत में इसका उद्देश्य केवल परमाणु खतरों का आकलन करना था।
  • बदलाव (2007): 2007 में वैज्ञानिकों ने फैसला किया कि अब इसमें जलवायु संकट (Climate Crisis) को भी विनाश के एक प्रमुख कारक के रूप में शामिल किया जाएगा।

[Image showing the Doomsday Clock face at 85 seconds to midnight with historical timeline markings]


4. समय का निर्धारण कैसे होता है?

पिछले 79 वर्षों से, बुलेटिन के वैज्ञानिक हर साल दुनिया की स्थिति का विश्लेषण करते हैं। वे यह तय करते हैं कि मानव जाति पूर्ण विनाश (Total Annihilation) के कितने करीब है और उसी के अनुसार घड़ी की सुइयां आगे या पीछे की जाती हैं।

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