‘भैरव’ लाइट कमांडो बटालियन और ‘सूर्यास्त्र’ रॉकेट लॉन्चर सिस्टम का प्रदर्शन

अक्टूबर 2025 में गठित ‘भैरव’ लाइट कमांडो बटालियन ने 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान कर्तव्य पथ पर अपनी पहली सार्वजनिक उपस्थिति दर्ज कराई। इसके साथ ही, भारत की स्वदेशी मारक क्षमता का प्रतीक यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम (URLS) ‘सूर्यास्त्र’ का भी पहली बार प्रदर्शन किया गया।

भैरव लाइट कमांडो बटालियन

सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट की 4 भैरव बटालियन का गठन पारंपरिक इन्फैंट्री इकाइयों और विशेष बलों (Special Forces) के बीच के परिचालन अंतर को पाटने के लिए किया गया है।

  • उद्देश्य: यह बल भारत की त्वरित, चुस्त और उच्च-तीव्रता वाले लड़ाकू मिशनों की क्षमता को मजबूत करता है।
  • रणनीति: यह सेना के विकसित होते युद्ध सिद्धांतों और भविष्य के लिए तैयार बल संरचना को दर्शाता है।

URLS ‘सूर्यास्त्र’: स्वदेशी शक्ति

‘सूर्यास्त्र’ भारत का पहला स्वदेशी यूनिवर्सल मल्टी-कैलिबर लॉन्ग-रेंज रॉकेट लॉन्चर सिस्टम है।

  • मारक क्षमता: इसे 150 किलोमीटर और 300 किलोमीटर की विस्तारित सीमाओं पर सटीक सतह-से-सतह (surface-to-surface) पर प्रहार करने के लिए इंजीनियर किया गया है।
  • लचीलापन: पारंपरिक रॉकेट आर्टिलरी के विपरीत, सूर्यास्त्र एक ‘यूनिवर्सल लॉन्चर’ के रूप में डिज़ाइन किया गया है। यह एक ही प्लेटफॉर्म पर कई रॉकेट और मिसाइल वेरिएंट को एकीकृत करने में सक्षम है।
  • अनुकूलनशीलता: यह विभिन्न युद्ध स्थितियों में परिचालन लचीलापन और अनुकूलनशीलता प्रदान करता है।
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