INS सुदर्शिनी ‘लोकायन 26’ के लिए कोच्चि से रवाना
भारतीय नौसेना के पाल प्रशिक्षण जहाज (Sail Training Ship) INS सुदर्शिनी ने 20 जनवरी को ‘लोकायन 26’ नामक एक ऐतिहासिक वैश्विक अभियान की शुरुआत की। 10 महीने की इस लंबी समुद्री यात्रा का उद्देश्य भारत की समृद्ध समुद्री विरासत का प्रदर्शन करना और विभिन्न देशों के साथ समुद्री सहयोग को मजबूत करना है।
अभियान की मुख्य झलकियाँ:
- शुभारंभ: इस अभियान को कोच्चि नौसेना बेस से हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। इस अवसर पर एक विशेष ‘लोकायन 26’ स्मारक पट्टिका का अनावरण भी किया गया।
- यात्रा का विवरण: अगले 10 महीनों के दौरान, INS सुदर्शिनी लगभग 22,000 समुद्री मील (Nautical Miles) की दूरी तय करेगा। इस दौरान जहाज 13 देशों के 18 बंदरगाहों का दौरा करेगा।
- प्रमुख आयोजन: इस यात्रा का सबसे खास हिस्सा मार्च-अप्रैल 2026 में फ्रांस में आयोजित होने वाले ‘एस्केल अ सेत’ (Escale à Sète) महोत्सव में भाग लेना है। यह यूरोप के सबसे प्रतिष्ठित समुद्री उत्सवों में से एक है।
INS सुदर्शिनी: स्वदेशी ताकत का प्रतीक
- निर्माण: इस जहाज का निर्माण ‘गोवा शिपयार्ड लिमिटेड’ द्वारा पूरी तरह से स्वदेश में किया गया है।
- विशेषताएँ: यह 54 मीटर लंबा जहाज है, जिसमें 20 पाल (Sails) लगे हैं जिनका कुल क्षेत्रफल 1,000 वर्ग मीटर से अधिक है।
- प्रशिक्षण: यह जहाज नौसेना के कैडेटों और प्रशिक्षु अधिकारियों को समुद्र विज्ञान के पारंपरिक कौशल और हवा के आधार पर दिशा-निर्देशन (Navigation) सीखने के लिए एक अनूठा मंच प्रदान करता है।


