राष्ट्रमंडल के स्पीकर्स और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (CSPOC)

भारत ने 14-16 जनवरी 2026 तक नई दिल्ली में राष्ट्रमंडल के स्पीकर्स और पीठासीन अधिकारियों के 28वें सम्मेलन (CSPOC) की मेजबानी की। 1969 में स्थापित इस मंच के इतिहास में इस बार रिकॉर्ड 61 अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों ने भाग लिया।

मुख्य बिंदु:

  • अध्यक्षता: इस सम्मेलन का आयोजन लोकसभा अध्यक्ष श्री ओम बिरला की अध्यक्षता में किया गया।
  • मुख्य फोकस: 28वें CSPOC का मुख्य विषय संसदीय कामकाज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और सोशल मीडिया का उपयोग था, ताकि कार्यकुशलता, पारदर्शिता, समावेशिता और सार्वजनिक सहभागिता को बढ़ाया जा सके।
  • भारत की भूमिका: भारत इस प्रक्रिया में एक सक्रिय भागीदार रहा है और अब तक चार बार (1970-71, 1986, 2010 और 2026) इस सम्मेलन की मेजबानी कर चुका है।

CSPOC के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी:

  • स्थापना: इसकी स्थापना 1969 में कनाडा के हाउस ऑफ कॉमन्स के तत्कालीन अध्यक्ष लुसिएन लैमoureux की पहल पर हुई थी।
  • स्वरूप: यह राष्ट्रमंडल देशों का एक उच्च स्तरीय संसदीय मंच है। इसमें राष्ट्रमंडल के 53 स्वतंत्र देशों की राष्ट्रीय संसदों और 14 अर्ध-स्वायत्त संसदों के अध्यक्ष शामिल होते हैं।
  • स्वायत्तता: यह एक स्वतंत्र संसदीय निकाय के रूप में कार्य करता है। इसका राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (CPA) या राष्ट्रमंडल सचिवालय के साथ कोई औपचारिक संबंध नहीं है, हालांकि इनकी सदस्यता और उद्देश्य आपस में जुड़े हुए हैं।
  • सदस्यता: इसकी सदस्यता केवल स्वतंत्र संप्रभु राष्ट्रमंडल देशों की राष्ट्रीय संसदों के अध्यक्षों और पीठासीन अधिकारियों तक सीमित है।
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