इंडियाफ़ोन्टे बिजोई-लक्षद्वीप में मिला नया क्रस्टेशियाई जीव

भारत की समुद्री जैव विविधता के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। वैज्ञानिकों ने लक्षद्वीप द्वीप समूह के कवरत्ती लैगून में क्रस्टेशियाई (Crustacean) जीव की एक बिल्कुल नई प्रजाति और वंश (Genus) की खोज की है। इस सूक्ष्म जीव का नाम भारत और प्रसिद्ध वैज्ञानिक एस. बिजोय नंदन के सम्मान में ‘इंडियाफ़ोन्टे बिजोई’ (Indiaphonte bijoyi) रखा गया है।

सूक्ष्म और अद्वितीय बनावट

यह जीव ‘कोपपोडा’ (Copepoda) वर्ग के ‘लाओफ़ोंटिडाई’ परिवार से संबंधित है। यह इतना छोटा है कि इसे केवल सूक्ष्मदर्शी (Microscope) की सहायता से ही देखा जा सकता है। शारीरिक रूप से, यह बीच में चौड़ा और पीछे की ओर पतला है, जिसके आगे के हिस्से पर एंटीना जैसी संरचनाएं मौजूद हैं।

मेयोफ़ौना (Meiofauna): आकार में 1 मिमी से भी छोटे

वैज्ञानिकों के अनुसार, ‘इंडियाफ़ोन्टे बिजोई’ मूल रूप से मेयोफ़ौना श्रेणी का जीव है। ये ऐसे बिना रीढ़ की हड्डी वाले छोटे जानवर होते हैं जिनका आकार 1 मिलीमीटर से भी कम होता है और ये जलीय वातावरण की तलछट (sediments) में रहते हैं। इस खोज को प्रसिद्ध वैज्ञानिक पत्रिका ‘ज़ूटाक्सा’ (Zootaxa) में प्रकाशित किया गया है।

मछलियों और इंसानों के लिए क्यों है खास?

इस जीव का महत्व केवल इसकी खोज तक सीमित नहीं है। यह हार्पैक्टिकॉइड कोपपोड समूह का हिस्सा है, जो ओमेगा-3 फैटी एसिड (जैसे EPA और DHA) बनाने की अद्भुत क्षमता रखते हैं।

  • ये तत्व मछलियों और शेलफिश की वृद्धि के लिए अनिवार्य हैं।
  • अंततः, ये मानव पोषण और खाद्य सुरक्षा में भी बड़ी भूमिका निभाते हैं।

सम्मान और उपलब्धि

इस नए वंश का नाम ‘इंडियाफ़ोन्टे’ भारत के प्रति सम्मान व्यक्त करने के लिए रखा गया है। वहीं, इसकी प्रजाति का नाम ‘बिजोई’, कोचीन यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (Cusat) के समुद्री विज्ञान संकाय के डीन और कन्नूर विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति प्रोफेसर एस. बिजोय नंदन के योगदान को समर्पित है।

क्रस्टेशियाई

क्रस्टेशिया सबफाइलम के सदस्यों में लॉबस्टर, केकड़े, क्रेफ़िश, झींगा, कोपेपॉड, बार्नेकल शामिल हैं।

Source: TH

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