अंटार्कटिका बर्फ के नीचे मिला पहाड़ों और घाटियों का विशाल साम्राज्य
वैज्ञानिकों ने एक अभूतपूर्व तकनीकी सफलता हासिल करते हुए अंटार्कटिका की विशाल बर्फ की चादर के नीचे छिपी जमीन का अब तक का सबसे विस्तृत नक्शा तैयार किया है। इस मानचित्र ने पहली बार दुनिया के सामने अंटार्कटिका के उन पहाड़ों, गहरी घाटियों और मैदानों को उजागर किया है, जो लाखों वर्षों से मीलों मोटी बर्फ के नीचे दबे हुए थे।
नई तकनीक और चौंकाने वाली खोज
शोधकर्ताओं ने इस ऐतिहासिक नक्शे को बनाने के लिए नवीनतम हाई-रिज़ॉल्यूशन सैटेलाइट डेटा और ‘आइस-फ्लो पर्टर्बेशन एनालिसिस’ (Ice-flow Perturbation Analysis) नामक तकनीक का उपयोग किया। यह तकनीक सतह की हलचल के आधार पर बर्फ के नीचे की स्थलाकृति का सटीक अनुमान लगाती है।
खोज के मुख्य बिंदु:
- 30,000 नई पहाड़ियाँ: वैज्ञानिकों ने पहली बार 30,000 से अधिक ऐसी पहाड़ियों की पहचान की है जो अब तक अज्ञात थीं। इनमें से प्रत्येक की ऊंचाई कम से कम 165 फीट (50 मीटर) है।
- अभूतपूर्व सटीकता: पहली बार पूरे महाद्वीप की जमीन का नक्शा इतनी बारीकी से बनाया गया है कि छोटी-छोटी भू-आकृतियां भी स्पष्ट दिखाई दे रही हैं।
अंटार्कटिका का विशाल स्वरूप
अंटार्कटिका की बर्फ की चादर पृथ्वी पर ताजे पानी का सबसे बड़ा भंडार है, जिसमें ग्रह का 70% ताजा पानी जमा है। इसकी विशालता का अंदाजा इन आंकड़ों से लगाया जा सकता है:
- आकार: यह यूरोप से 40% और अमेरिका से 50% बड़ा है।
- बर्फ की मोटाई: यहाँ बर्फ की औसत मोटाई 2.1 किमी (1.3 मील) है, जबकि अधिकतम मोटाई 4.8 किमी (3 मील) तक पहुँच जाती है।
34 मिलियन साल पुराना इतिहास
भूवैज्ञानिकों के अनुसार, अंटार्कटिका हमेशा से बर्फ से ढका नहीं था।
- प्राचीन जुड़ाव: करोड़ों साल पहले अंटार्कटिका दक्षिण अमेरिका से जुड़ा हुआ था, जो बाद में ‘प्लेट टेक्टोनिक्स’ प्रक्रिया के कारण अलग हो गया।
- बर्फ की परत: महाद्वीप पर बर्फ की परत लगभग 34 मिलियन साल पहले चढ़नी शुरू हुई थी। आज जो आकृतियाँ दिखाई दे रही हैं, वे बर्फ जमने से पहले ही बन चुकी थीं, जिन्हें बाद में गतिशील बर्फ की चादरों ने तराशा।


