सरकार ने शुरू किया ‘राष्ट्रीय उद्यमिता अभियान’

भारत के ग्रामीण क्षेत्रों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्रालय ने 12 जनवरी, 2026 को ‘उद्यमिता पर राष्ट्रीय अभियान’ (National Campaign on Entrepreneurship) का आगाज़ किया है। यह महत्वाकांक्षी पहल दीनदयाल अंत्योदय योजना – राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (DAY-NRLM) के तहत शुरू की गई है, जिसका लक्ष्य ग्रामीण महिलाओं को ‘जॉब सीकर’ से ‘जॉब क्रिएटर’ बनाना है।

अभियान के मुख्य स्तंभ और लक्ष्य

इस राष्ट्रीय अभियान का ढांचा अत्यंत व्यापक है, जिसे दो मुख्य स्तरों पर लागू किया जा रहा है:

  1. सामुदायिक संसाधन व्यक्तियों (CRPs) का प्रशिक्षण:
    • अभियान के तहत 50,000 CRPs को उद्यम प्रोत्साहन (Enterprise Promotion) के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जाएगा।
    • ये प्रशिक्षित CRPs ग्रामीण स्तर पर मेंटर और गाइड के रूप में कार्य करेंगे, जो स्थानीय स्तर पर क्षमता निर्माण में मदद करेंगे।
  2. SHG सदस्यों के लिए EDP ट्रेनिंग:
    • मिशन का सबसे बड़ा लक्ष्य 50 लाख स्वयं सहायता समूह (SHG) सदस्यों को उद्यमिता विकास कार्यक्रम (EDP) के तहत ट्रेनिंग देना है।
    • यह ट्रेनिंग महिलाओं को अपना छोटा व्यवसाय शुरू करने, प्रबंधित करने और उसे लाभप्रद बनाने की बारीकियां सिखाएगी।

स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा

यह अभियान केवल प्रशिक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके दूरगामी आर्थिक प्रभाव होंगे:

  • रणनीतिक अवसर: यह ग्रामीण क्षेत्रों में उद्यम विकास को गहराई तक ले जाने का एक रणनीतिक प्रयास है।
  • स्थानीय विकास: स्थानीय उत्पादों और सेवाओं को बढ़ावा देकर यह ग्रामीण क्षेत्रों में ही रोजगार के अवसर पैदा करेगा, जिससे शहरों की ओर पलायन कम होने की संभावना है।
  • महिला सशक्तिकरण: SHG महिलाओं की छिपी हुई उद्यमशीलता क्षमता को सामने लाकर यह उनकी आय में वृद्धि और सामाजिक स्थिति में सुधार का मार्ग प्रशस्त करेगा।
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