निर्यात तैयारी सूचकांक (EPI) 2024
नीति आयोग ने 14 जनवरी (2026) को निर्यात तैयारी सूचकांक (Export Preparedness Index – EPI) 2024 जारी किया।
नीति आयोग का यह चौथा संस्करण भारत के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की निर्यात क्षमता का मूल्यांकन करता है। यह सूचकांक भारत के 2030 तक 1 ट्रिलियन डॉलर के वस्तु निर्यात और विकसित भारत @2047 के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए एक रोडमैप के रूप में कार्य करता है।
शीर्ष प्रदर्शन करने वाले राज्य:
- बड़े राज्य: महाराष्ट्र (प्रथम), तमिलनाडु (द्वितीय) और गुजरात (तृतीय)।
- छोटे राज्य/उत्तर-पूर्व/UTs: उत्तराखंड, जम्मू और कश्मीर और नागालैंड।
EPI के चार मुख्य स्तंभ (Four Pillars of EPI)
यह सूचकांक निर्यात पारिस्थितिकी तंत्र का मूल्यांकन करने के लिए 4 प्रमुख स्तंभों, 13 उप-स्तंभों और 70 संकेतकों का उपयोग करता है:
- नीति और शासन (Policy & Governance): निर्यात से संबंधित रणनीतिक दिशा और प्रशासनिक ढांचा।
- व्यापार पारिस्थितिकी तंत्र (Business Ecosystem): निर्यात गतिविधियों को समर्थन देने वाली कारोबारी सुविधाएं।
- निर्यात बुनियादी ढांचा (Export Infrastructure): कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स सपोर्ट।
- निर्यात प्रदर्शन (Export Performance): राज्यों द्वारा वास्तविक निर्यात और विकास दर।
वर्गीकरण का ढांचा (Categorization Framework)
राज्यों के बीच निष्पक्ष तुलना और ‘पीयर लर्निंग’ (एक-दूसरे से सीखना) को बढ़ावा देने के लिए राज्यों को उनकी भौगोलिक और आर्थिक प्रकृति के आधार पर बांटा गया है:
- श्रेणियाँ: बड़े राज्य, छोटे राज्य, उत्तर-पूर्वी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश।
- प्रदर्शन स्तर: प्रत्येक श्रेणी के भीतर राज्यों को उनके स्कोर के आधार पर तीन वर्गों में रखा गया है:
- लीडर्स (Leaders): सबसे बेहतर प्रदर्शन करने वाले।
- चैलेंजर्स (Challengers): मध्यम स्तर के प्रदर्शन वाले।
- एस्पायरर्स (Aspirants): सुधार की गुंजाइश वाले राज्य।
महत्व और विजन
यह इंडेक्स न केवल राज्यों को अपनी कमियों (संरचनात्मक चुनौतियों) को पहचानने में मदद करता है, बल्कि जिला स्तर पर भी निर्यात प्रतिस्पर्धात्मकता को बढ़ाने के अवसर प्रदान करता है।


