केरल ने केंद्र सरकार से ‘कैटास्ट्रोफी बॉण्ड’ जारी करने का प्रस्ताव किया

केरल सरकार द्वारा केंद्र सरकार से ‘कैटास्ट्रोफी बॉन्ड’ (Catastrophe Bonds – CAT Bonds) शुरू करने का प्रस्ताव भारत के आपदा प्रबंधन वित्तपोषण (Disaster Management Financing) में एक बड़ा बदलाव ला सकता है।

कैटास्ट्रोफी बॉन्ड (CAT Bond) क्या है?

यह एक उच्च-रिटर्न वाला ऋण साधन (High-yield debt instrument) है। इसे विशेष रूप से उन वित्तीय जोखिमों को पूंजी बाजार (Capital Market) में स्थानांतरित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है, जो प्राकृतिक आपदाओं (जैसे भूकंप, बाढ़ या तूफान) से उत्पन्न होते हैं।

यह कैसे काम करता है?

  1. निवेश और रिटर्न: निवेशक इन बॉन्ड्स में पैसा लगाते हैं। यदि बॉन्ड की अवधि के दौरान कोई आपदा नहीं आती है, तो निवेशकों को उनके निवेश पर उच्च ब्याज (Return) मिलता है।
  2. आपदा की स्थिति: यदि कोई पूर्व-निर्धारित आपदा (जैसे केरल में भीषण बाढ़) आती है, तो निवेशक अपना मूलधन (Principal) खो देते हैं। इस पैसे का उपयोग सरकार या बीमा कंपनी आपदा पीड़ितों को क्लेम देने और पुनर्निर्माण कार्यों के लिए करती है।
  3. जोखिम का हस्तांतरण: वर्तमान में, आपदा का पूरा वित्तीय बोझ सरकार पर होता है। CAT बॉन्ड के जरिए यह जोखिम वैश्विक निवेशकों के साथ साझा किया जाता है।

केरल के लिए इसका महत्व

  • वित्तीय सुरक्षा: केरल पिछले कुछ वर्षों में लगातार बाढ़ और भूस्खलन जैसी आपदाओं का सामना कर रहा है। CAT बॉन्ड से राज्य के बजट पर अचानक पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सकेगा।
  • बजट पूर्व परामर्श: केरल के वित्त मंत्री के.एन. बालगोपाल ने इसे यूनियन बजट 2026-27 के लिए अपनी ‘विश लिस्ट’ में शामिल किया है।
  • वैश्विक उदाहरण: मेक्सिको और फिलीपींस जैसे देश पहले से ही अपनी अर्थव्यवस्था को आपदाओं से बचाने के लिए इन बॉन्ड्स का सफलतापूर्वक उपयोग कर रहे हैं।

मुख्य विशेषताएं (Key Features)

  • बीमा से जुड़ी प्रतिभूति: यह केवल एक बॉन्ड नहीं है, बल्कि बीमा और निवेश का एक मिश्रण है।
  • बहु-वर्षीय कवरेज: ये बॉन्ड आमतौर पर 3 से 5 साल के लिए सुरक्षा प्रदान करते हैं।
  • पैरामीट्रिक ट्रिगर: अक्सर ये बॉन्ड तब सक्रिय होते हैं जब कोई आपदा एक निश्चित तीव्रता (जैसे भूकंप की तीव्रता या बारिश का स्तर) को पार कर जाती है।
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