रुबिन ऑब्ज़र्वेटरी ने खोजा दुनिया का सबसे तेज़ घूमने वाला विशाल एस्टेरॉयड

खगोलविदों ने अंतरिक्ष में एक ऐसा रिकॉर्ड तोड़ दिया है जो हमारे सौर मंडल की समझ को बदल सकता है। वेरा सी. रुबिन ऑब्ज़र्वेटरी से मिली पहली तस्वीरों के विश्लेषण के दौरान वैज्ञानिकों ने अपने आकार के वर्ग (size class) में अब तक के सबसे तेज़ घूमने वाले एस्टेरॉयड की खोज की है।

एस्टेरॉयड 2025 MN45: क्या है इसकी खासियत?

इस विशाल अंतरिक्ष चट्टान को ‘2025 MN45’ नाम दिया गया है। इसकी विशेषताएं कुछ इस प्रकार हैं:

  • विशाल आकार: इसकी चौड़ाई लगभग 2,300 फीट (710 मीटर) है, जो पृथ्वी की अधिकांश गगनचुंबी इमारतों से भी बड़ा है।
  • रिकॉर्ड तोड़ गति: यह विशाल चट्टान मात्र 113 सेकंड में अपना एक चक्कर पूरा कर लेती है।
  • नया कीर्तिमान: यह 1,640 फीट (500 मीटर) से अधिक व्यास वाला अब तक का सबसे तेज़ घूमने वाला ज्ञात एस्टेरॉयड बन गया है।

दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल कैमरा: LSST

यह अध्ययन रुबिन ऑब्ज़र्वेटरी के LSST कैमरे का पहला पीयर-रिव्यूड (विशेषज्ञों द्वारा समीक्षा किया गया) पेपर है।

  • LSST कैमरा: यह दुनिया का सबसे बड़ा डिजिटल कैमरा है।
  • मिशन: अगले 10 वर्षों तक यह दक्षिणी गोलार्ध के रात के आसमान को बार-बार स्कैन करेगा ताकि ब्रह्मांड की एक अभूतपूर्व टाइम-लैप्स मूवी बनाई जा सके।

सौर मंडल के इतिहास का ‘टाइम कैप्सूल’

एस्टेरॉयड को हमारे सौर मंडल के 4.5 अरब साल पुराने इतिहास का अवशेष माना जाता है। इनका अध्ययन वैज्ञानिकों को यह समझने में मदद करता है कि ग्रह और चंद्रमा बनने से पहले सौर मंडल कैसा था।

  • मुख्य एस्टेरॉयड बेल्ट: अधिकांश एस्टेरॉयड मंगल और बृहस्पति के बीच स्थित मुख्य बेल्ट में पाए जाते हैं।
  • पृथ्वी के करीब के एस्टेरॉयड (NEOs): खगोलविदों द्वारा देखे गए अधिकांश तेज़ घूमने वाले एस्टेरॉयड पृथ्वी के करीब हैं, क्योंकि कम दूरी के कारण उन्हें देखना और उनकी गति को मापना आसान होता है।

वेरा सी. रुबिन ऑब्ज़र्वेटरी के बारे में

चिली में स्थित यह नई खगोल विज्ञान सुविधा अपने 8.4-मीटर टेलीस्कोप के साथ अंतरिक्ष की गहराईयों को खंगालने के लिए तैयार है। यह ऑब्ज़र्वेटरी भविष्य में ऐसे लाखों एस्टेरॉयड की खोज करने में सक्षम होगी।

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