वाइमर ट्रायंगल

वैश्विक राजनीति में आ रहे बड़े बदलावों और बढ़ती भू-राजनीतिक अस्थिरता के बीच, भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने वर्ष 2026 की अपनी पहली आधिकारिक विदेश यात्रा के लिए यूरोप को चुना है। अपनी इस छह दिवसीय यात्रा (4-10 जनवरी) के दौरान, उन्होंने फ्रांस और लक्ज़मबर्ग का दौरा कर भारत के सामरिक हितों को मजबूती प्रदान की।

पेरिस में ‘इंडिया-वाइमर ट्रायंगल’ की ऐतिहासिक शुरुआत

इस यात्रा का सबसे महत्वपूर्ण पड़ाव पेरिस रहा, जहाँ डॉ. जयशंकर ने ‘इंडिया-वाइमर ट्रायंगल’ (India-Weimar Triangle) प्रारूप की बैठक में भाग लिया। इस बैठक में उन्होंने अपने फ्रांसीसी, जर्मन और पोलिश समकक्षों के साथ वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक सहयोग पर गहन चर्चा की।

मंत्री ने स्पष्ट किया कि उन्होंने वर्ष की शुरुआत में यूरोप को इसलिए चुना क्योंकि भारत और यूरोप के संबंध अब एक निर्णायक मोड़ पर हैं। उन्होंने कहा:

क्या है ‘वाइमर ट्रायंगल’? (पृष्ठभूमि)

वाइमर ट्रायंगल (Weimar Triangle) यूरोप का एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक समूह है, जिसकी स्थापना 28 अगस्त 1991 को जर्मनी के वीमर शहर में हुई थी।

  • संस्थापक: जर्मनी, फ्रांस और पोलैंड के तत्कालीन विदेश मंत्री।
  • उद्देश्य: यूरोप के भविष्य के लिए साझा हितों की पहचान करना और सीमा पार सहयोग को बढ़ाना।
  • महत्व: इसकी 10-सूत्रीय घोषणा में यूरोपीय एकीकरण के लिए इन तीन देशों की विशेष जिम्मेदारी पर जोर दिया गया था।

विशेष नोट: यह पहली बार है जब वीमर ट्रायंगल प्रारूप में किसी गैर-यूरोपीय देश (भारत) को शामिल कर विस्तार से चर्चा की गई है, जो वैश्विक मंच पर भारत के बढ़ते कद को दर्शाता है।

फ्रांस और लक्ज़मबर्ग में अन्य महत्वपूर्ण गतिविधियाँ

  • अतिथि संपादक के रूप में संबोधन: डॉ. जयशंकर फ्रांस के राजदूतों के 31वें सम्मेलन में ‘गेस्ट ऑफ ऑनर’ के रूप में शामिल हुए। वे इस प्रतिष्ठित सम्मेलन को संबोधित करने वाले पहले गैर-यूरोपीय विदेश मंत्री बने।
  • रणनीतिक साझेदारी: पेरिस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और विदेश मंत्री जीन-नोएल बैरोट के साथ रक्षा, अंतरिक्ष और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी।
  • लक्ज़मबर्ग दौरा: यात्रा के दूसरे चरण में, उन्होंने लक्ज़मबर्ग के नेतृत्व से मुलाकात की और फिनटेक (FinTech), डिजिटल नवाचार और अंतरिक्ष क्षेत्र में द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ावा देने पर चर्चा की।
error: Content is protected !!