UN ने 2026 को ‘इंटरनेशनल ईयर फॉर रेंजलैंड्स एंड पेस्टोरलिस्ट्स’ (IYRP) घोषित किया

संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2026 को ‘इंटरनेशनल ईयर फॉर रेंजलैंड्स एंड पेस्टोरलिस्ट्स’ (IYRP) घोषित किया है। यह कदम इन पारिस्थितिकी तंत्रों और उन पर निर्भर समुदायों के वैश्विक महत्व को रेखांकित करता है।


रेंजलैंड्स (Rangelands) क्या हैं?

रेंजलैंड्स पृथ्वी की सतह के लगभग 50% हिस्से को कवर करते हैं। इनमें शामिल हैं:

  • घास के मैदान (Grasslands) और सवाना।
  • झाड़ियाँ, रेगिस्तान और वेटलैंड्स।
  • पहाड़ी इलाके और टुंड्रा।

प्रमुख वैश्विक उदाहरण:

  • एशिया: मध्य एशिया के स्टेपी (Steppes)।
  • अफ्रीका: सवाना के विस्तृत मैदान।
  • यूरोप: आल्प्स और पाइरेनीज़ पर्वतमाला।
  • अमेरिका: संयुक्त राज्य अमेरिका के ग्रेट प्लेन्स और एंडीज़ पर्वत।

सेराडो (Cerrado): ब्राज़ील का ‘संकटग्रस्त’ सवाना

ब्राज़ील का सेराडो क्षेत्र दुनिया के सबसे विविधतापूर्ण सवानाओं में से एक है, लेकिन आज यह गंभीर खतरे में है।

  • जल स्रोत: यह ब्राज़ील की 12 में से 8 प्रमुख जल प्रणालियों का स्रोत है (जैसे साओ फ्रांसिस्को और टोकेन्टिन्स)।
  • दोहरा खतरा: जलवायु परिवर्तन और मानवीय गतिविधियों के कारण, सेराडो को अमेज़ॅन वर्षावनों की तुलना में दोगुना नुकसान उठाना पड़ रहा है।

चरवाहे (Pastoralists): प्रकृति के संरक्षक

चरवाहे केवल पशुपालक नहीं हैं, बल्कि वे इन लैंडस्केप के मुख्य संरक्षक (Guardians) भी हैं।

  • पशुधन: वे दुनिया भर में लगभग 1 अरब जानवरों (भेड़, बकरी, मवेशी, ऊँट, याक, घोड़े, बारहसिंगा) का प्रबंधन करते हैं।
  • योगदान: वे खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं और सदियों पुराने स्थानीय एवं स्वदेशी ज्ञान के माध्यम से सांस्कृतिक विरासत को बचाए रखते हैं।

IYRP 2026 का महत्व:

खाद्य और कृषि संगठन (FAO) इस वर्ष को मनाने वाली मुख्य एजेंसी है। इसका उद्देश्य है:

  1. रेंजलैंड्स के स्थायी प्रबंधन के लिए जागरूकता बढ़ाना।
  2. चरवाहों के अधिकारों और उनके आर्थिक योगदान को मान्यता देना।
  3. मिट्टी की उर्वरता और जैव विविधता के संरक्षण पर ध्यान केंद्रित करना।
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