हरियाणा में 2025 में लिंगानुपात बढ़कर 923 हुआ

हरियाणा राज्य ने सामाजिक सुधार की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है। राज्य में जन्म के समय लिंगानुपात (Sex Ratio at Birth – SRB) में जबरदस्त सुधार दर्ज किया गया है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में हरियाणा का लिंगानुपात 923 तक पहुँच गया है, जो कि वर्ष 2024 (910) के मुकाबले 13 अंकों की बड़ी बढ़त है। यह पिछले पाँच वर्षों में दर्ज किया गया सबसे बेहतर आँकड़ा है।

सख्त कार्रवाई और सरकारी प्रयासों का दिखा असर

अधिकारियों का मानना है कि इस सुधार का मुख्य श्रेय राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कड़े कदमों को जाता है। लिंगानुपात में सुधार के पीछे प्रमुख कारण निम्नलिखित हैं:

  • लिंग चयन पर रोक: प्रसव पूर्व लिंग निर्धारण (Prenatal Sex Determination) के खिलाफ राज्य भर में व्यापक अभियान।
  • अवैध गर्भपात पर लगाम: गैर-कानूनी तरीके से किए जा रहे गर्भपात और ‘मेडिकल टर्मिनेशन ऑफ प्रेग्नेंसी’ (MTP) किट की अवैध बिक्री के खिलाफ सख्त छापेमारी और कानूनी कार्रवाई।
  • निगरानी प्रणाली: स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन द्वारा संदिग्ध क्लीनिकों और केंद्रों पर निरंतर निगरानी।

पिछले एक दशक का सफर: उतार-चढ़ाव और सुधार

हरियाणा में लिंगानुपात का डेटा पिछले 10-11 वर्षों में काफी उतार-चढ़ाव वाला रहा है। जहाँ 2016 में सबसे बड़ी छलांग देखने को मिली थी, वहीं 2025 में फिर से एक बड़ी रिकवरी हुई है।

वर्ष-वार लिंगानुपात की स्थिति:

वर्षलिंगानुपात (SRB)बदलाव/विशेष टिप्पणी
2014871आधार वर्ष
2015876+5 अंकों का सुधार
2016900+24 अंक (सबसे बड़ी बढ़ोतरी)
2017914+14 अंक (दूसरी बड़ी बढ़ोतरी)
2018914स्थिर
2019923उच्च स्तर
2020922-1 अंक की गिरावट
2021914बड़ी गिरावट
2022917मामूली सुधार
2023916लगभग स्थिर
2024910गिरावट दर्ज
2025923पाँच सालों का उच्चतम स्तर
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