इंडोनेशिया में माउंट बुर नी तेलोंग ज्वालामुखी में बढ़ती हलचल
इंडोनेशियाई अधिकारियों ने देश के सबसे पश्चिमी प्रांत आचे (Aceh) में स्थित माउंट बुर नी तेलोंग (Mount Bur Ni Telong) ज्वालामुखी के लिए अलर्ट स्तर को बढ़ाकर दूसरे सबसे ऊंचे स्तर (Orange Alert) पर कर दिया है। यह निर्णय ज्वालामुखी क्षेत्र में हो रहे लगातार भूकंपों और बढ़ती गतिविधियों को देखते हुए लिया गया है।
प्रमुख घटनाक्रम
- भूकंपीय गतिविधि: 30 दिसंबर, 2025 को इस 2,624 मीटर (8,600 फीट) ऊंचे ज्वालामुखी क्षेत्र में कम से कम सात शक्तिशाली भूकंप दर्ज किए गए।
- भौगोलिक स्थिति: यह एक सक्रिय स्ट्रैटोवोलकानो (Stratovolcano) है, जो अपनी ढलान वाली बनावट और विस्फोटक क्षमता के लिए जाना जाता है।
इंडोनेशिया और “रिंग ऑफ फायर”
इंडोनेशिया दुनिया के सबसे सक्रिय ज्वालामुखीय क्षेत्रों में से एक है। इसकी मुख्य वजहें निम्नलिखित हैं:
- सक्रिय ज्वालामुखी: 280 मिलियन से अधिक आबादी वाले इस द्वीपसमूह में 120 से अधिक सक्रिय ज्वालामुखी हैं।
- पैसिफिक रिंग ऑफ फायर: यह देश प्रशांत महासागर के चारों ओर स्थित ‘रिंग ऑफ फायर’ के किनारे बसा है। यह क्षेत्र घोड़े की नाल (horseshoe) के आकार की भूकंपीय फॉल्ट लाइनों की एक श्रृंखला है, जहाँ दुनिया के सबसे अधिक भूकंप और ज्वालामुखी विस्फोट होते हैं।
वैज्ञानिक संदर्भ: स्ट्रैटोवोलकानो (Stratovolcano)
माउंट बुर नी तेलोंग एक स्ट्रैटोवोलकानो है, जिसकी अपनी विशिष्ट विशेषताएं होती हैं:
- आकृति और बनावट: शील्ड ज्वालामुखियों (Shield Volcanoes) की तुलना में इनके किनारे अधिक ढलान वाले और शंकु (Cone) के आकार के होते हैं।
- लावा की प्रकृति: इनका निर्माण चिपचिपे और गाढ़े लावा से होता है। चूंकि यह लावा आसानी से नहीं बहता, इसलिए यह वेंट (निकासी द्वार) के पास जमा होकर ऊंची ढलान बनाता है।
- विस्फोटक क्षमता: गाढ़े मैग्मा के अंदर गैसें फंस जाती हैं, जिससे दबाव बढ़ता है और अचानक भीषण विस्फोटक उद्गार होने की संभावना अधिक होती है।
- चट्टान के प्रकार: इन ज्वालामुखियों में सबसे आम चट्टान एंडेसाइट (Andesite) पाई जाती है (जिसका नाम एंडीज पर्वत के नाम पर पड़ा है), हालांकि ये टेक्टोनिक सेटिंग्स के आधार पर अन्य प्रकार की चट्टानें भी उगल सकते हैं।


