वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने हाई-स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा किया

भारतीय रेलवे ने आत्मनिर्भरता की दिशा में एक और ऐतिहासिक मील का पत्थर पार कर लिया है। देश में ही डिजाइन और निर्मित की गई पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन ने अपना अंतिम हाई-स्पीड ट्रायल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। यह परीक्षण कमिश्नर ऑफ रेलवे सेफ्टी (CRS) की प्रत्यक्ष देखरेख में संपन्न हुआ, जिसके बाद अब इस ट्रेन के व्यावसायिक संचालन का रास्ता साफ हो गया है।

कोटा-नागदा सेक्शन पर दिखाई बिजली जैसी रफ्तार

यह महत्वपूर्ण ट्रायल राजस्थान और मध्य प्रदेश के बीच कोटा-नागदा रेल सेक्शन पर आयोजित किया गया।

  • अधिकतम गति: परीक्षण के दौरान ट्रेन ने 180 किमी प्रति घंटे की रफ्तार को छुआ।
  • परफॉर्मेंस: CRS ने हाई-स्पीड पर ट्रेन के संतुलन, ब्रेकिंग और सुरक्षा प्रणालियों को पूरी तरह संतोषजनक पाया और ट्रायल को सफल घोषित किया।
लंबी दूरी की यात्रा के लिए ‘फाइव-स्टार’ सुविधाएं

वंदे भारत का यह नया स्लीपर वर्जन लंबी दूरी के यात्रियों के लिए विशेष रूप से तैयार किया गया है। 16 कोच वाले इस रैक में विश्व स्तरीय सुविधाएं दी गई हैं:

  • आराम और सुरक्षा: इसमें एर्गोनोमिक स्लीपर बर्थ, एडवांस्ड सस्पेंशन सिस्टम (झटकों को कम करने के लिए) और ऑटोमैटिक प्लग दरवाजे शामिल हैं।
  • सुरक्षा तकनीक: ट्रेन में आग लगने का पता लगाने वाला सिस्टम, सुरक्षा निगरानी तंत्र और पूरे रैक में CCTV आधारित निगरानी की व्यवस्था है।
  • आधुनिक अनुभव: आधुनिक वैक्यूम शौचालय, डिजिटल यात्री सूचना प्रणाली और ऊर्जा-कुशल (Energy Efficient) तकनीक इसे वैश्विक मानकों के बराबर बनाती है।

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