नए व्यापार समझौतों के साथ वैश्विक आर्थिक महाशक्ति बनने की राह पर भारत

भारत ने वैश्विक व्यापार के मानचित्र पर अपनी स्थिति को अभूतपूर्व तरीके से मजबूत किया है। वर्ष 2025 के अंत तक भारत ने ओमान, न्यूजीलैंड और यूनाइटेड किंगडम जैसे प्रमुख देशों के साथ महत्वपूर्ण व्यापार समझौते (FTA) संपन्न कर लिए हैं। ये समझौते न केवल भारतीय निर्यातकों के लिए नए अवसर पैदा कर रहे हैं, बल्कि ग्लोबल वैल्यू चेन (GVC) में भारत की भूमिका को भी निर्णायक बना रहे हैं।


क्या हैं ये समझौते और क्यों हैं महत्वपूर्ण?

मुक्त व्यापार समझौते (FTA) दो या दो से अधिक देशों के बीच होने वाली ऐसी संधियाँ हैं जो वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार को सुगम बनाती हैं।

  • टैरिफ में कमी: इनका मुख्य उद्देश्य आयात-निर्यात पर लगने वाले शुल्क (Duty) को कम करना या खत्म करना है।
  • बाजार तक पहुँच: भारतीय किसानों, छात्रों और पेशेवरों के लिए विदेशी बाजारों के दरवाजे खोलना।
  • सुरक्षा: निवेशकों और बौद्धिक संपदा अधिकारों (IPR) के लिए एक सुरक्षित और पारदर्शी ढांचा प्रदान करना।

2025 की बड़ी सफलताएँ: ओमान और न्यूजीलैंड के साथ डील

दिसंबर 2025 भारत के व्यापारिक इतिहास के लिए एक ऐतिहासिक महीना साबित हुआ है:

  1. भारत-ओमान CEPA (18 दिसंबर, 2025): यूएई के बाद खाड़ी देशों (GCC) के साथ यह भारत का दूसरा बड़ा समझौता है। यह पश्चिम एशिया में भारत को रणनीतिक बढ़त प्रदान करता है। ओमान ने 2006 में अमेरिका के बाद भारत के साथ ही ऐसा व्यक्तिगत व्यापक समझौता किया है।
  2. भारत-न्यूजीलैंड FTA: यह भारत के सबसे तेजी से संपन्न होने वाले समझौतों में से एक बन गया है, जो प्रशांत क्षेत्र में नए आर्थिक रास्ते खोलता है।

प्रमुख व्यापार समझौतों का विवरण और उनका प्रभाव

समझौता (Agreement)वर्षप्रमुख लाभ
भारत-UK व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA)202599% भारतीय निर्यात को ड्यूटी-फ्री एक्सेस (टेक्सटाइल, लेदर, रत्न)।
भारत-ओमान व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA)2025पश्चिम एशिया में प्रतिस्पर्धी देशों पर बढ़त और सेवा क्षेत्र में विस्तार।
भारत-EFTA व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौता (TEPA)2024स्विट्जरलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिकटेंस्टीन के साथ आर्थिक सहयोग।
भारत-UAE व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौता (CEPA)202290% निर्यात पर टैरिफ खत्म; द्विपक्षीय व्यापार में $100B का लक्ष्य।
भारत-ऑस्ट्रेलिया आर्थिक सहयोग और व्यापार समझौता (ECTA)2022फार्मा, रसायन और कृषि उत्पादों के लिए ऑस्ट्रेलियाई बाजार सुलभ।
भारत-मॉरीशस व्यापक आर्थिक सहयोग और साझेदारी (CECPA)2021अफ्रीका के बाजारों में प्रवेश के लिए भारत का पहला रणनीतिक द्वार।

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