सोमालीलैंड को मान्यता देने वाला इज़राइल बना विश्व का पहला देश

वैश्विक कूटनीति में एक बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। इज़राइल आधिकारिक तौर पर सोमालीलैंड गणराज्य को एक स्वतंत्र और संप्रभु देश के रूप में मान्यता देने वाला दुनिया का पहला देश बन गया है। इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सोमालीलैंड के राष्ट्रपति अब्दिरहमान मोहम्मद अब्दुल्लाही को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर बधाई दी और उन्हें इज़राइल आने का औपचारिक निमंत्रण भी दिया।

तीन दशकों का लंबा इंतजार खत्म

1991 में सोमालिया से अलग होने और अपनी स्वतंत्रता की घोषणा करने के बाद से, सोमालीलैंड को अब तक संयुक्त राष्ट्र के किसी भी सदस्य देश से औपचारिक मान्यता नहीं मिली थी। इज़राइल का यह कदम हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका में इस क्षेत्र के लिए एक बड़ी कूटनीतिक जीत मानी जा रही है।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: एक संक्षिप्त नज़र

सोमालीलैंड गणराज्य खुद को ब्रिटिश सोमालीलैंड का कानूनी उत्तराधिकारी मानता है। इसका इतिहास उतार-चढ़ाव भरा रहा है:

  • 1884–1920: यह क्षेत्र ब्रिटिश संरक्षण में स्व-शासित सल्तनतों का समूह था।
  • 1920: इसे औपचारिक रूप से ब्रिटिश कॉलोनी बनाया गया।
  • 1960 (26 जून – 1 जुलाई): ब्रिटिश सोमालीलैंड को आजादी मिली और वह 5 दिनों तक एक स्वतंत्र राज्य के रूप में अस्तित्व में रहा।
  • विलय और पतन: इसके बाद यह अपने पड़ोसी (इतालवी-प्रशासित सोमालिया) के साथ विलय कर सोमाली गणराज्य बना। 1969 में सैन्य तख्तापलट के बाद जनरल सियाद बर्रे के नेतृत्व में सोमाली लोकतांत्रिक गणराज्य बना।
  • 1991: सियाद बर्रे की सत्ता जाने के बाद, सोमालीलैंड ने खुद को फिर से स्वतंत्र घोषित कर दिया।

क्षेत्र का महत्व: हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका (Horn of Africa)

अदन की खाड़ी के तट पर स्थित यह अर्ध-रेगिस्तानी क्षेत्र रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

हॉर्न ऑफ़ अफ्रीका में शामिल देश:

  1. जिबूती
  2. इरिट्रिया
  3. इथियोपिया
  4. सोमालिया (जिससे सोमालीलैंड अलग हुआ है)
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