INS अरिघात से ‘K-4’ परमाणु मिसाइल का सफल परीक्षण
भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने 23 दिसंबर को बंगाल की खाड़ी में एक बड़ी रणनीतिक सफलता हासिल की। भारत की दूसरी परमाणु शक्ति संचालित बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (SSBN), INS अरिघात से मध्यम दूरी की K-4 बैलिस्टिक मिसाइल का सफल परीक्षण किया गया। विशाखापत्तनम तट के पास किए गए इस परीक्षण ने भारत की समुद्री परमाणु प्रतिरोधक क्षमता (sea-based nuclear deterrence) को एक नई ऊंचाई प्रदान की है।
K-4 मिसाइल: अचूक मारक क्षमता और तकनीक
K-4 एक पनडुब्बी से लॉन्च होने वाली बैलिस्टिक मिसाइल (SLBM) है, जिसे विशेष रूप से अरिहंत-श्रेणी की पनडुब्बियों के लिए डिज़ाइन किया गया है।
- मारक क्षमता: यह मिसाइल 3,500 किमी की दूरी तक लक्ष्य भेदने में सक्षम है।
- पेलोड: यह अपने साथ 2.5 टन तक का परमाणु हथियार ले जा सकती है।
- उत्पत्ति: इसे अग्नि-III बैलिस्टिक मिसाइल की तकनीक पर आधारित किया गया है।
- महत्व: यह मिसाइल पानी के नीचे से दुश्मन के ठिकानों को तबाह करने की भारत की क्षमता को ‘सेकंड स्ट्राइक’ (प्रतिशोध क्षमता) के रूप में पुख्ता करती है।
परमाणु त्रय (Nuclear Triad) हुआ और भी मजबूत
इस सफल परीक्षण के साथ भारत ने दुनिया के उन चुनिंदा देशों में अपनी जगह और मजबूत कर ली है जिनके पास ‘परमाणु त्रय’ (Nuclear Triad) पूरी तरह ऑपरेशनल है। इसका अर्थ है कि भारत अब जमीन (अग्नि मिसाइलें), हवा (मिराज/राफेल) और समुद्र (अरिहंत श्रेणी की पनडुब्बियां) तीनों ही मोर्चों से परमाणु हमला करने में सक्षम है।
कलाम को श्रद्धांजलि: K-सीरीज की मिसाइलों का नाम भारत के पूर्व राष्ट्रपति और ‘मिसाइल मैन’ डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम के सम्मान में रखा गया है। उन्होंने ही भारत के मिसाइल विकास कार्यक्रम (IGMDP) की नींव रखी थी।
भारतीय नौसेना का भविष्य का रोडमैप
भारत अपनी समुद्री ताकत को लगातार विस्तार दे रहा है। वर्तमान में INS अरिहंत (K-15 मिसाइल युक्त) और INS अरिघात सेवा में हैं। आगामी योजनाओं में शामिल हैं:
- INS अरिदमन: अरिहंत श्रेणी की तीसरी पनडुब्बी, जिसे 2026 की पहली तिमाही में कमीशन किया जाएगा।
- S4* पनडुब्बी: इस श्रेणी की अंतिम पनडुब्बी, जिसे 16 अक्टूबर को लॉन्च किया गया था, दशक के अंत तक सेवा में शामिल हो सकती है।
- अगली पीढ़ी (S-5 क्लास): भविष्य में भारत 10,000 टन से अधिक वजन वाली पनडुब्बियां बनाएगा, जो 5,000 किमी से अधिक रेंज वाली K-5 मिसाइलों से लैस होंगी।


