सौर तूफान की वजह से “मिशन दृष्टि” से संपर्क टूटा
बेंगलुरु स्थित स्पेस स्टार्टअप गैलेक्सआई (GalaxEye) द्वारा विकसित दुनिया के पहले ऑप्टोसैट (OptoSAR) उपग्रह, ‘मिशन दृष्टि’ (Mission Drishti) में ‘लॉन्च एंड अर्ली ऑर्बिट फेज’ (LEOP) के अंतिम चरण के दौरान एक भू-चुंबकीय सौर तूफान (geomagnetic solar storm) के कारण खराबी आ गई। मई 2026 में लॉन्च किया गया यह उपग्रह विफल हो गया और अंतरिक्ष में खो गया है, यह जानकारी गैलेक्सआई ने एक प्रेस विज्ञप्ति में दी।
- भारत का सबसे बड़ा निजी उपग्रह: मिशन दृष्टि भारत का सबसे बड़ा निजी तौर पर विकसित अर्थ ऑब्जर्वेशन (पृथ्वी अवलोकन) उपग्रह भी था।
- दुनिया में पहली बार: इसे 3 मई 2026 को स्पेसएक्स (SpaceX) के फाल्कन 9 रॉकेट से लॉन्च किया गया था। यह दुनिया का पहला ऐसा उपग्रह प्रक्षेपण था जिसमें पृथ्वी अवलोकन का एक नया और बेहतर रूप प्रदान करने के लिए ऑप्टिकल इमेजरी (optical imagery) और क्लासिक सिंथेटिक अपर्चर राडार (SAR) को एक साथ जोड़ा गया था।
- गैलेक्सआई का पहला मिशन: यह गैलेक्सआई द्वारा लॉन्च किया गया पहला उपग्रह था। कंपनी एक तारामंडल (constellation) बनाने और रक्षा, कृषि, आपदा प्रबंधन तथा समुद्री निगरानी सेवाओं के लिए पृथ्वी अवलोकन को और बेहतर बनाने के लिए ऑप्टोसैट (OptoSAR) उपग्रहों की एक श्रृंखला शुरू करने की योजना बना रही है।
हालांकि यह उपग्रह सफलतापूर्वक लॉन्च होने में कामयाब रहा और शुरुआती कुछ सप्ताहों में संचार भी स्थापित कर लिया था, लेकिन यह ‘लॉन्च एंड अर्ली ऑर्बिट फेज’ (LEOP) को पूरी तरह से पूरा नहीं कर सका। कंपनी द्वारा साझा की गई प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि एक भू-चुंबकीय सौर तूफान, जिसमें सूर्य से खतरनाक लपटें (flares) और विकिरण (radiation) निकलते हैं, ने उपग्रह के सिस्टम के एक महत्वपूर्ण हिस्से को गंभीर नुकसान पहुँचाया।
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