भारत क्लाइमेट ऑब्जर्वेशन नेटवर्क (BCON)

भारतीय उष्णकटिबंधीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM), पुणे और आर्यभट्ट प्रेक्षण विज्ञान शोध संस्थान (ARIES), नैनीताल ने हिमालयी क्षेत्र में एक जलवायु वेधशाला (climate observation station) स्थापित करने के लिए एक दीर्घकालिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इस कदम का उद्देश्य ‘भारत जलवायु वेधशाला नेटवर्क’ (Bharat Climate Observation Network – BCON) के तहत जलवायु परिवर्तन अनुसंधान और दीर्घकालिक वायुमंडलीय निगरानी को मजबूत करना है। इस साझेदारी के तहत, उत्तराखंड में ARIES के देवस्थल परिसर में एक जलवायु वेधशाला स्थापित की जाएगी। अत्यधिक ऊँचाई पर स्थित होने के कारण, देवस्थल का वातावरण अपेक्षाकृत स्वच्छ और प्रदूषण मुक्त है, जो उन्नत वायुमंडलीय अवलोकनों के लिए बेहद अनुकूल है।

भारत क्लाइमेट ऑब्जर्वेशन नेटवर्क (BCON) क्या है और इसका महत्व?

BCON पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय (Ministry of Earth Sciences) की एक राष्ट्रीय पहल है, जिसे IITM द्वारा लागू किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य पूरे भारत में एक दीर्घकालिक, अत्यधिक सटीक जलवायु निगरानी ढांचा तैयार करना है।

  • उच्च गुणवत्ता वाले आँकड़े: इस नेटवर्क से ऐसे उच्च-गुणवत्ता वाले डेटासेट (datasets) तैयार होने की उम्मीद है जो दीर्घकालिक जलवायु प्रवृत्तियों का पता लगाने, जलवायु अनुसंधान को मजबूत करने और साक्ष्यों पर आधारित नीति-निर्माण में मदद करेंगे।
  • क्लाइमेट मॉडल में सुधार: BCON के माध्यम से मिलने वाले आँकड़े पृथ्वी प्रणाली मॉडलों (Earth System Models) की सत्यता जाँचने और उन्हें बेहतर बनाने में भी मदद करेंगे। इसमें IITM का अपना ‘अर्थ सिस्टम मॉडल’ भी शामिल है, जिससे भारत के लिए अधिक सटीक जलवायु अनुमान और भविष्य के पूर्वानुमान लगाना संभव हो सकेगा।
error: Content is protected !!