हिमाचल प्रदेश में ड्रोन-आधारित डाक और पार्सल सेवा की शुरुआत
भारतीय डाक विभाग ने डाक और पार्सल के तेजी से वितरण के लिए एक क्रांतिकारी कदम उठाते हुए 12 जून 2026 से हिमाचल प्रदेश में ड्रोन-आधारित सेवा की शुरुआत की है। इस सेवा का शुभारंभ मंडी हेड पोस्ट ऑफिस और रेहरधार ब्रांच पोस्ट ऑफिस के बीच किया गया है।
सेवा का विस्तार और मुख्य विशेषताएं
यह पहल डाक विभाग की उस बड़ी योजना का हिस्सा है जिसके तहत अगले दो से तीन महीनों में हिमाचल प्रदेश और असम के लगभग 150 चिन्हित मार्गों पर ड्रोन सेवा शुरू की जाएगी। मंडी-रेहरधार मार्ग इस महत्वाकांक्षी परियोजना का पहला सक्रिय रूट बन गया है।
समय की बड़ी बचत
ड्रोन तकनीक ने दूरदराज के इलाकों में संपर्क को पूरी तरह बदल दिया है:
- पारंपरिक मार्ग: मंडी हेड पोस्ट ऑफिस से रेहरधार ब्रांच पोस्ट ऑफिस (लगभग 12 किलोमीटर की दूरी) के बीच डाक पहुँचाने में पारंपरिक साधनों से दो घंटे से अधिक का समय लगता था।
- ड्रोन सेवा: नई ड्रोन-आधारित प्रणाली के माध्यम से यही सफर अब मात्र सात मिनट में पूरा हो रहा है।
इस पहल का महत्व
- दक्षता में वृद्धि: यह सेवा वितरण प्रणाली को अत्यधिक कुशल बनाएगी।
- बेहतर कनेक्टिविटी: पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्रों में डाक सेवाओं तक पहुंच आसान होगी, जिससे वहां के स्थानीय समुदायों को बड़ी राहत मिलेगी।
- समावेशी विकास: यह पहल न केवल आवश्यक सेवाओं तक पहुंच में सुधार करेगी, बल्कि इन क्षेत्रों में सामाजिक और आर्थिक समावेश (social and economic inclusion) को भी बढ़ावा देगी।


