नागाटाइटन चायाफुमेंसिस-दक्षिण-पूर्व एशिया का अब तक का सबसे बड़ा ज्ञात डायनासोर
शोधकर्ताओं ने नागाटाइटन चायाफुमेंसिस (Nagatitan chaiyaphumensis) के कंकाल के अवशेषों को खोज निकाला है, जो दक्षिण-पूर्व एशिया (Southeast Asia) का अब तक का सबसे बड़ा ज्ञात डायनासोर है। यह डायनासोर की सॉरोपॉड (sauropods) नामक वंशावली का सदस्य है, जो अपनी लंबी गर्दन, लंबी पूंछ, छोटे सिर और खंभे जैसे चार पैरों के लिए जाने जाते हैं।
क्रीटेशस काल (Cretaceous Period) के इस डायनासोर के जीवाश्म (fossils) सबसे पहले थाईलैंड के उत्तर-पूर्वी प्रांत चायाफुम (Chaiyaphum) में एक ग्रामीण द्वारा देखे गए थे। वैज्ञानिकों ने कई वर्षों की अवधि में रीढ़ की हड्डी, पसली, पेल्विस (कूल्हे की हड्डी) और पैर की हड्डियों को खोदा, जिसमें आगे के पैर की एक हड्डी – ह्यूमरस (humerus) – शामिल है, जिसकी लंबाई 5.8 फीट (1.78 मीटर) है। इसके ह्यूमरस और फीमर (पीछे के पैर की हड्डी) के आकार के आधार पर, शोधकर्ताओं ने नागाटाइटन के शरीर का वजन 25 से 28 टन होने का अनुमान लगाया है।
इसके सिर और दांत बरामद किए गए जीवाश्मों में शामिल नहीं थे, लेकिन अन्य सॉरोपॉड्स के आधार पर शोधकर्ताओं को इसके खान-पान की प्राथमिकताओं का अच्छा अंदाजा है। सॉरोपॉड्स में पृथ्वी के इतिहास के सबसे बड़े स्थलीय (land) जीव शामिल थे। नागाटाइटन किसी भी पैमाने पर बहुत विशाल था, लेकिन कुछ दक्षिण अमेरिकी सॉरोपॉड्स जैसे कि अर्जेंटीनोसॉरस (Argentinosaurus) और पटागोटाइटन (Patagotitan) के पैमाने पर नहीं था, जिनकी लंबाई 100 फीट (30 मीटर) से अधिक थी।नागाटाइटन का नाम ‘नागा’ (नाग) के संदर्भ में रखा गया है, जो कुछ एशियाई धार्मिक परंपराओं में एक सर्प जैसी आकृति है और विभिन्न थाई मंदिरों में प्रमुखता से दिखाई देती है। थाईलैंड से कुल मिलाकर 14 नामी डायनासोरों की जानकारी है। नागाटाइटन इस क्षेत्र में सॉरोपॉड की विविधता की समझ प्रदान करता है। दक्षिण-पूर्व एशिया से बहुत अधिक सॉरोपॉड्स के बारे में जानकारी नहीं है, और नागाटाइटन उनमें से सबसे बड़ा और भूगर्भीय रूप से सबसे नया (youngest) है। नागाटाइटन सॉरोपॉड्स के एक ऐसे उपसमूह (subgroup) से संबंधित था, जिनकी हड्डियों के भीतर कई वायु थैलियां (air sacs) और पतली दीवारें होती थीं, ये ऐसी विशेषताएं थीं जो उनके कंकाल के वजन को हल्का करती थीं।


