राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस 2026
केंद्रीय पंचायती राज मंत्रालय ने 24 अप्रैल, 2026 को नई दिल्ली में राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस के अवसर पर एक राष्ट्रीय कार्यक्रम का आयोजन किया। यह दिन 73वें संविधान संशोधन अधिनियम के 33 वर्ष पूरे होने का प्रतीक है, जिसने भारत भर में पंचायती राज संस्थाओं (PRIs) को संवैधानिक दर्जा दिया था।
मुख्य विशेषताएं और रिपोर्ट:
- PAI 2.0 रिपोर्ट: इस अवसर पर वित्त वर्ष 2023-24 के लिए पंचायत एडवांसमेंट इंडेक्स (PAI) 2.0 रिपोर्ट जारी की गई।
- उद्देश्य: PAI भारत का पहला राष्ट्रव्यापी डेटा-आधारित ढांचा है, जो सतत विकास लक्ष्यों के स्थानीयकरण (LSDGs) के तहत 9 विषयों पर ग्राम पंचायतों के प्रदर्शन का आकलन करता है।
- सुधार: PAI 2.0 में संकेतकों (indicators) की संख्या 516 से घटाकर 150 कर दी गई है। इसमें 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की 97.30% ग्राम पंचायतों ने भाग लिया।
ऐतिहासिक संदर्भ:
- राष्ट्रीय पंचायती राज दिवस हर साल 24 अप्रैल को मनाया जाता है। इसी दिन 1993 में 73वां संविधान संशोधन अधिनियम, 1992 लागू हुआ था। पंचायती राज से संबंधित प्रावधान भारतीय संविधान के भाग IX में दिए गए हैं।
पंचायती राज व्यवस्था की संरचना:
भारत में पंचायती राज व्यवस्था विकेंद्रीकरण के सिद्धांत पर आधारित है, जो त्रि-स्तरीय संरचना के माध्यम से कार्य करती है:
- ग्राम पंचायत (GP): ग्राम स्तर पर प्रथम स्तर, जो नागरिक प्रशासन और स्थानीय विकास (जल आपूर्ति, स्वच्छता आदि) के लिए जिम्मेदार है।
- ब्लॉक पंचायत (BP): मध्यवर्ती स्तर, जो गांवों के बीच विकास योजनाओं का समन्वय करता है।
- जिला पंचायत (DP): जिला स्तर पर शीर्ष स्तर, जो ब्लॉकों की गतिविधियों की निगरानी और संसाधन आवंटन सुनिश्चित करता है।
ग्राम सभा और तकनीकी पहल:
- ग्राम सभा: यह गांव के सभी पंजीकृत मतदाताओं की सभा है और प्रत्यक्ष लोकतंत्र का सबसे बड़ा उदाहरण है। यह पंचायती राज की नींव है, लेकिन इसे तीन स्तरों में नहीं गिना जाता क्योंकि यह एक स्थायी इकाई है।
- SabhaSaar (सभासार): यह एक AI-आधारित उपकरण है जो ग्राम सभा की बैठकों का ‘मिनट्स’ (कार्यवृत्त) स्वचालित रूप से तैयार करता है।
- यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नेचुरल लैंग्वेज प्रोसेसिंग (NLP) का उपयोग करके ऑडियो/वीडियो रिकॉर्डिंग को लिखित दस्तावेजों में बदल देता है।
- इससे मैन्युअल काम कम होता है और स्थानीय शासन में पारदर्शिता व जवाबदेही बढ़ती है।


