कैबिनेट ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-III (PMGSY-III) को मार्च 2028 तक जारी रखने को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना-III (PMGSY-III) को मार्च 2025 से आगे मार्च 2028 तक जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत उन मुख्य मार्गों (Through Routes) और प्रमुख ग्रामीण संपर्कों (Major Rural Links) का सुदृढ़ीकरण किया जा रहा है जो बस्तियों को ग्रामीण कृषि बाजारों (GrAMs), उच्च माध्यमिक विद्यालयों और अस्पतालों से जोड़ते हैं।

योजना का संशोधित परिव्यय (outlay) 83,977 करोड़ रुपये होगा। समय सीमा के इस विस्तार से लक्षित ग्रामीण सड़कों के उन्नयन (upgradation) को पूरा किया जा सकेगा, जिससे इसके सामाजिक-आर्थिक लाभ पूरी तरह से प्राप्त हो सकेंगे।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY) के विभिन्न चरण

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना सरकार का एक प्रमुख ग्रामीण विकास कार्यक्रम है। इसे 25 दिसंबर 2000 को ग्रामीण क्षेत्रों में असंबद्ध बस्तियों को हर मौसम के अनुकूल (all-weather) सड़क संपर्क प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था।

  • प्रथम चरण (2000): यह मूल कार्यक्रम था जिसका मुख्य फोकस पात्र असंबद्ध ग्रामीण बस्तियों को पहली बार सड़क संपर्क से जोड़ना था।
  • द्वितीय चरण (2013): इसका ध्यान मौजूदा ग्रामीण सड़क नेटवर्क को मजबूत करने पर था ताकि लोगों, वस्तुओं और सेवाओं के परिवहन की दक्षता में सुधार हो सके।
  • वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों के लिए सड़क संपर्क परियोजना (RCPLWEA – 2016): यह एक विशेष पहल है जिसका उद्देश्य सुरक्षा और विकास को बढ़ावा देने के लिए वामपंथी उग्रवाद प्रभावित जिलों में बुनियादी ढांचे को सुधारना है। यह 9 राज्यों (आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा, तेलंगाना और उत्तर प्रदेश) के 44 सबसे गंभीर रूप से प्रभावित जिलों को कवर करती है।
  • तृतीय चरण (2019): इसका उद्देश्य 1,25,000 किमी मौजूदा मार्गों का उन्नयन करना है ताकि गांवों को सीधे कृषि बाजारों, स्कूलों और अस्पतालों से जोड़ा जा सके।

चतुर्थ चरण (2024-25) और वर्तमान स्थिति

सरकार ने 11 सितंबर 2024 को PMGSY के चौथे चरण को मंजूरी दी, जिसका लक्ष्य 25,000 असंबद्ध बस्तियों को हर मौसम में चालू रहने वाली सड़कें प्रदान करना है। इसके लिए पात्रता 2011 की जनगणना पर आधारित है:

  • मैदानी क्षेत्रों में 500+ की जनसंख्या।
  • पूर्वोत्तर और पहाड़ी राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 250+ की जनसंख्या।
  • विशेष श्रेणी क्षेत्र, जिनमें जनजातीय (अनुसूची V) क्षेत्र, आकांक्षी जिले/ब्लॉक और मरुस्थलीय क्षेत्र शामिल हैं।

अगस्त 2025 तक की प्रगति: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत अब तक कुल 1,91,282 ग्रामीण सड़कों (कुल लंबाई 8,38,611 किमी) और 12,146 पुलों को मंजूरी दी जा चुकी है।

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