भारतीय अंतरिक्ष स्थितिजन्य जागरूकता रिपोर्ट 2025 (ISSAR-2025)

8 अप्रैल, 2026 को बेंगलुरु में आयोजित ‘स्पेसक्राफ्ट मिशन ऑपरेशंस’ (SMOPS-2026) के दूसरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के उद्घाटन सत्र में इसरो (ISRO) के अध्यक्ष डॉ. वी. नारायणन ने ‘भारतीय अंतरिक्ष स्थितिजन्य जागरूकता रिपोर्ट 2025’ (ISSAR-2025) जारी की।

इस रिपोर्ट के माध्यम से अंतरिक्ष संचालन की सुरक्षा और स्थिरता से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े साझा किए गए हैं।

प्रमुख सांख्यिकी और वैश्विक परिदृश्य:

  • रिकॉर्ड तोड़ वर्ष: 2025 अंतरिक्ष युग की शुरुआत से अब तक का सबसे अधिक लॉन्च प्रयासों वाला वर्ष रहा।
  • सफलता दर: कुल 328 लॉन्च प्रयास किए गए, जिनमें से 315 सफल रहे। इनके माध्यम से 4,198 ज्ञात परिचालन उपग्रहों को कक्षा में स्थापित किया गया।
  • अंतरिक्ष वस्तुओं की संख्या: वर्ष 2025 के दौरान अंतरिक्ष वस्तुओं की कुल आबादी में 4,651 नई वस्तुएं जुड़ीं।
  • वर्ष के दौरान चार चंद्र मिशन भेजे गए, और विशेष बात यह रही कि ये सभी निजी कंपनियों द्वारा लॉन्च किए गए थे।
  • ब्लू घोस्ट मिशन 1 (Blue Ghost Mission 1): इसने इतिहास रचा और चंद्रमा पर सफलतापूर्वक सॉफ्ट लैंडिंग करने वाला पहला निजी स्वामित्व वाला अंतरिक्ष यान बना।

भारत की अंतरिक्ष संपत्ति (2025 के अंत तक):

भारत के अंतरिक्ष प्रयासों का प्रबंधन IS4OM (ISRO System for Safe and Sustainable Space Operations Management) द्वारा किया जाता है, जो अंतरिक्ष स्थिरता के लिए नोडल इकाई है।

  • कुल लॉन्च: निजी ऑपरेटरों और शैक्षणिक संस्थानों सहित अब तक कुल 144 भारतीय अंतरिक्ष यान लॉन्च किए जा चुके हैं।
  • सरकारी परिचालन उपग्रह:
    • लो अर्थ ऑर्बिट (LEO): 22
    • जियो-सिंक्रोनस अर्थ ऑर्बिट (GEO): 31
    • जियोसिंक्रोनस ट्रांसफर ऑर्बिट (GTO): NVS-02 अभी भी इसी दीर्घवृत्ताकार कक्षा में सक्रिय है।
  • डीप स्पेस मिशन: वर्तमान में दो मिशन सक्रिय हैं:
    1. चंद्रयान-2 ऑर्बिटर (CH2O)
    2. आदित्य-L1 (सूर्य-पृथ्वी लैग्रेंज बिंदु पर स्थित)

यह रिपोर्ट दर्शाती है कि जहाँ एक ओर अंतरिक्ष गतिविधियाँ तेजी से बढ़ रही हैं, वहीं भारत अपनी अंतरिक्ष संपत्तियों की सुरक्षा और भविष्य के मिशनों की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए ‘स्पेस सिचुएशनल अवेयरनेस’ (SSA) पर विशेष ध्यान दे रहा है।

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