भारतीय नौसेना को सर्वेक्षण पोत ‘संशोधक’ मिला
भारतीय नौसेना ने कोलकाता स्थित गार्डन रीच शिपबिल्डर्स एंड इंजीनियर्स लिमिटेड (GRSE) द्वारा निर्मित चार जहाजों की परियोजना के तहत चौथा और अंतिम सर्वे वेसल (लार्ज) – ‘संशोधक’ (Sanshodhak) प्राप्त कर लिया है। 30 मार्च को इस जहाज की डिलीवरी के साथ ही अक्टूबर 2018 में अनुबंधित इस परियोजना को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया गया है।
इस श्रेणी के पिछले तीन जहाजों — संध्याक, निर्देशक और इक्षक — को फरवरी 2024 से नवंबर 2025 के बीच नौसेना में शामिल किया गया था।
प्रमुख विवरण और क्षमताएं:
- डिजाइन और निर्माण: इसे नौसेना के वारशिप डिजाइन ब्यूरो द्वारा डिजाइन किया गया है और GRSE में निर्मित किया गया है।
- सर्वेक्षण क्षमताएं: ‘संशोधक’ तटीय और गहरे पानी वाले क्षेत्रों में हाइड्रोग्राफिक सर्वेक्षण (जल-राशि सर्वेक्षण) करने में सक्षम है। इसमें बंदरगाहों के रास्तों और नेविगेशन मार्गों का मानचित्रण (Mapping) शामिल है।
- डेटा संग्रह: यह रक्षा और नागरिक दोनों उद्देश्यों के लिए समुद्र विज्ञान (Oceanographic) और भू-भौतिकीय (Geophysical) डेटा एकत्र करने में सक्षम है।
- आकार और विस्थापन: इसका विस्थापन (Displacement) लगभग 3,400 टन है और इसकी लंबाई लगभग 110 मीटर है।


