तुंगुस्का एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम

रक्षा मंत्रालय ने तुंगुस्का एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम (Tunguska Air Defence Missile System) की खरीद और P8I लॉन्ग-रेंज मैरीटाइम रिकॉइनेंस एयरक्राफ्ट के निरीक्षण (डिपो स्तर) के लिए कुल ₹858 करोड़ के अनुबंधों पर हस्ताक्षर किए हैं।

तुंगुस्का एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम (भारतीय सेना के लिए)

  • अनुबंध मूल्य: ₹445 करोड़।
  • साझेदार: रूस की JSC रोसोबोरोनएक्सपोर्ट (Rosoboronexport) के साथ समझौता।
  • विशेषता: यह एक हाइब्रिड प्रणाली है जो सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों और दोहरी 30 mm गन को एक साथ जोड़ती है।
  • उद्देश्य: उन्नत मिसाइलों को विशेष रूप से कम ऊंचाई पर उड़ने वाले ड्रोन का मुकाबला करने के लिए तैयार किया गया है।

रणनीतिक महत्व

यह खरीद भारतीय हवाई रक्षा में एक महत्वपूर्ण कमी को पूरा करती है:

  • ड्रोन रोधी क्षमता: S-400 जैसी उच्च श्रेणी की प्रणालियाँ बड़े और तेज़ लक्ष्यों के लिए अनुकूलित होती हैं। तुंगुस्का छोटे और धीमी गति से चलने वाले हवाई खतरों (ड्रोन) से निपटने में सक्षम है।
  • डिफेंसिव फायर एनवेलप: एक ‘क्लोज-इन वेपन सिस्टम’ (CIWS) के रूप में, यह आने वाले ड्रोनों के खिलाफ एक सघन सुरक्षा कवच (fire envelope) तैयार कर सकता है।

P8I विमान का निरीक्षण (भारतीय नौसेना के लिए)

  • अनुबंध का दूसरा हिस्सा P8I लंबी दूरी के समुद्री टोही विमान के डिपो स्तर के निरीक्षण और रखरखाव से संबंधित है, ताकि नौसेना की निगरानी क्षमताएं सुदृढ़ बनी रहें।
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