सरकार ने निर्यातकों के लिए RoDTEP योजना के लाभ बहाल किए
विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) द्वारा निर्यातित उत्पादों पर शुल्क और करों की छूट (RoDTEP) योजना के तहत निर्यातकों को मिलने वाले पूर्ण लाभों को बहाल कर दिया गया है।
RoDTEP योजना: पूर्ण लाभों की बहाली
23 मार्च, 2026 को जारी एक अधिसूचना में, DGFT ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष 22 फरवरी को जिन दरों और मूल्यों में 50% की कटौती की गई थी, उन्हें अब वापस पुराने स्तर पर बहाल कर दिया गया है।
RoDTEP योजना क्या है?
RoDTEP का मुख्य उद्देश्य निर्यातित उत्पादों के निर्माण और वितरण की प्रक्रिया में लगने वाले उन करों, शुल्कों और लेवी (Levies) की प्रतिपूर्ति करना है, जिन्हें वर्तमान में किसी अन्य तंत्र (जैसे GST रिफंड) के तहत वापस नहीं किया जाता है।
योजना की मुख्य विशेषताएं
- व्यापक कवरेज: यह केंद्रीय, राज्य और स्थानीय स्तर पर लगने वाले उन करों को कवर करता है जो निर्यात लागत को बढ़ाते हैं।
- सिद्धांत: यह इस वैश्विक सिद्धांत पर आधारित है कि “वस्तुओं का निर्यात होना चाहिए, करों का नहीं।” यानी निर्यात किए जाने वाले उत्पादों पर कर का बोझ नहीं होना चाहिए ताकि वे अंतरराष्ट्रीय बाजार में प्रतिस्पर्धी बने रहें।
- MEIS से भिन्नता: RoDTEP एक प्रतिपूर्ति (Remission) योजना है, न कि ‘भारत से वस्तु निर्यात योजना’ (MEIS) की तरह कोई प्रोत्साहन (Incentive) योजना। यह WTO (विश्व व्यापार संगठन) के नियमों के पूरी तरह अनुकूल है।
निर्यातकों पर प्रभाव
इस बहाली से भारतीय निर्यातकों को वैश्विक बाजार में अपनी लागत घटाने और प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल करने में मदद मिलेगी। विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए यह बड़ी राहत है जहाँ लाभ का अंतर (Margin) बहुत कम होता है।


