GLP-1 क्या है?
जीएलपी-1 (GLP-1) दवा सेमाग्लूटाइड के जेनेरिक संस्करणों के लॉन्च से पहले, भारत के शीर्ष दवा विनियामक CDSCO ने एक एडवाइजरी जारी कर चेतावनी दी है कि इसे केवल एक पंजीकृत डॉक्टर के पर्चे पर ही बेचा जाना चाहिए।
सेमाग्लूटाइड को पहली बार 2017 में अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (US FDA) द्वारा टाइप 2 मधुमेह के उपचार के लिए अनुमोदित किया गया था। हालांकि, जल्द ही इसने वजन घटाने वाले एजेंट के रूप में अपने ‘ऑफ-लेबल’ उपयोग के लिए लोकप्रियता हासिल कर ली। अंततः 2021 में US FDA द्वारा वजन घटाने के लिए इस दवा के उच्च खुराक वाले संस्करण को मंजूरी दी गई। यह दवा — और इसका संस्करण एली लिली की तिर्ज़ेपाटाइड (tirzepatide) — दोनों ने पिछले साल भारतीय बाजार में प्रवेश किया।
एक अन्य घटना में, अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने नोवो नॉर्डिस्क (Novo Nordisk) को जीएलपी-1 दवाओं-ओज़ैम्पिक और वेगोवी से जुड़े संदिग्ध प्रतिकूल दुष्प्रभावों की रिपोर्ट करने में विफलता के लिए चेतावनी पत्र जारी किया है।
जीएलपी-1 (GLP-1) क्या है?
- परिभाषा: जीएलपी-1 (ग्लूकागन-लाइक पेप्टाइड-1) आंत में उत्पन्न होने वाला एक हार्मोन है जो इंसुलिन रिलीज को उत्तेजित करता है, ग्लूकागन को कम करता है और पेट भरे होने के अहसास को बढ़ाता है।
- दवाओं का वर्ग: जीएलपी-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट (जैसे ओज़ैम्पिक, वेगोवी, मौन्जारो) दवाओं का एक वर्ग है जो टाइप 2 मधुमेह के प्रबंधन के लिए जीएलपी-1 हार्मोन की नकल करते हैं।
- उपयोग:
- मूल रूप से टाइप 2 मधुमेह वाले लोगों में रक्त शर्करा को नियंत्रित करने के लिए विकसित किया गया।
- मोटापे से ग्रस्त लोगों के लिए वजन घटाने में योगदान देता है।
- हृदय रोग और ‘सबस्टेंस यूज़ डिसऑर्डर’ (नशीली दवाओं के सेवन से जुड़े विकार) जैसी अन्य स्थितियों के प्रबंधन में भी प्रभावी है।


