केंद्र सरकार ने 2025-26 के लिए दूसरी अनुपूरक अनुदान मांग संसद में पेश की

केंद्र सरकार ने 10 मार्च को वर्ष 2025-26 के लिए दूसरी अनुपूरक अनुदान मांग संसद में पेश कीं। इसके माध्यम से 61 अनुदानों के लिए संसदीय स्वीकृति मांगी गई है, जिसमें उर्वरक सब्सिडी (Fertiliser Subsidy) पर ₹19,230 करोड़ का अतिरिक्त खर्च भी शामिल है।

इस दूसरी अनुपूरक मांग के मुख्य वित्तीय विवरण निम्नलिखित हैं:

  • कुल परिव्यय (Gross Additional Expenditure): ₹2.81 लाख करोड़।
  • शुद्ध नकद व्यय (Net Cash Outgo): ₹2.01 लाख करोड़।
  • बचत और प्राप्तियां: शेष ₹80,145.71 करोड़ की राशि मंत्रालयों और विभागों की बचत या बढ़ी हुई प्राप्तियों और वसूलियों के माध्यम से समायोजित की जाएगी।

नुपूरक अनुदान मांग (Supplementary Demands for Grants) क्या हैं?

जब किसी वित्तीय वर्ष के लिए अधिकृत बजट की राशि अपर्याप्त होती है, तो भारत सरकार संसद से अतिरिक्त धन की मांग करती है, जिसे ‘अनुदानों की अनुपूरक मांग’ कहा जाता है।

  • संवैधानिक प्रावधान: भारतीय संविधान के अनुच्छेद 115 के तहत इसकी अनुमति दी गई है।
  • प्रक्रिया: इसे वित्तीय वर्ष की समाप्ति से पहले संसद के समक्ष पेश किया जाता है ताकि अतिरिक्त व्यय को कानूनी मान्यता मिल सके।
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