‘लीकी पाइपलाइन’ (Leaky Pipeline) क्या है
‘लीकी पाइपलाइन’ (Leaky Pipeline) शब्द उस प्रक्रिया को दर्शाता है जिसमें लड़कियाँ और महिलाएँ शिक्षा के विभिन्न चरणों में विज्ञान और गणित की पढ़ाई छोड़ देती हैं। इसके मुख्य कारणों में सामाजिक रूढ़ियाँ, घरेलू जिम्मेदारियाँ, कार्यस्थल पर भेदभाव और रोल मॉडल की कमी शामिल हैं।
यहाँ आपके द्वारा साझा किए गए आंकड़ों का संक्षिप्त विश्लेषण और हिंदी अनुवाद दिया गया है:
STEM में महिलाओं की वैश्विक और भारतीय स्थिति
1. वैश्विक परिदृश्य (Global Scenario)
- स्नातक (Graduates): दुनिया भर में STEM स्नातकों में महिलाओं की हिस्सेदारी केवल 35% है।
- पीएचडी (PhDs): केवल 40% महिलाएं STEM विषयों में पीएचडी कर पाती हैं।
- कार्यबल (Workforce): 146 देशों के आंकड़ों के अनुसार, STEM कार्यबल (अकादमिक और संकाय पदों सहित) में महिलाओं की संख्या केवल 30% है।
2. भारत की विशिष्ट स्थिति (India’s Specific Context)
भारत में एक विरोधाभास देखने को मिलता है: यहाँ महिला STEM स्नातकों की संख्या दुनिया में सबसे अधिक होने के बावजूद, अनुसंधान और विकास (R&D) के क्षेत्र में उनकी भागीदारी बहुत कम है।
| संस्थान/क्षेत्र | महिलाओं की भागीदारी (%) |
| कुल R&D कार्यबल (भारत) | 18% |
| भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) | 29% (सबसे अधिक) |
| राष्ट्रीय अनुसंधान एजेंसियां (औसत) | < 30% |
| रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) | 14% (सबसे कम) |
| भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IITs) | 11-13% (संकाय/Scientists) |
| भारतीय विज्ञान संस्थान (IISc), बेंगलुरु | 8% (संकाय) |


