‘वंदे मातरम’ के लिए नया प्रोटोकॉल जारी
केंद्र सरकार ने राज्यों और अन्य सरकारी निकायों के लिए एक नया निर्देश जारी किया है, जिसके तहत अब किसी भी कार्यक्रम में जब ‘वंदे मातरम’ और राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ दोनों बजाए जाएंगे, तो ‘वंदे मातरम’ के सभी छह अंतरे (stanzas) राष्ट्रगान से पहले गाए या बजाए जाने अनिवार्य होंगे।
गृह मंत्रालय (MHA) ने 6 फरवरी को अपनी वेबसाइट पर ये नए दिशा-निर्देश अपलोड किए हैं। इन नियमों के अनुसार:
- आधिकारिक संस्करण और अवधि: राष्ट्र गीत का आधिकारिक संस्करण लगभग 3 मिनट 10 सेकंड लंबा होगा। जब भी इसे बजाया या गाया जाएगा, दर्शकों को सावधान की मुद्रा (Attention) में खड़ा होना होगा।
- अपवाद: यदि यह गीत किसी न्यूज़रील, डॉक्यूमेंट्री या फिल्म के हिस्से के रूप में बजाया जाता है, तो दर्शकों से खड़ा होने की अपेक्षा नहीं की जाती है।
- विशेष अवसर: इसे राष्ट्रपति के आगमन और प्रस्थान पर (औपचारिक राजकीय समारोहों में), राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्र के नाम संबोधन से ठीक पहले और बाद में, राज्यपाल/उपराज्यपाल के औपचारिक आगमन पर, और परेड में राष्ट्रीय ध्वज लाए जाने के समय बजाया जाएगा।
- शिक्षा संस्थान: मंत्रालय ने सुझाव दिया है कि सभी स्कूलों में दिन के कार्य की शुरुआत सामूहिक रूप से राष्ट्र गीत के गायन के साथ की जा सकती है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि (Vande Mataram: A Quick Look)
| विवरण | जानकारी |
| रचयिता | बंकिम चंद्र चटर्जी (1875) |
| प्रथम प्रकाशन | 7 नवंबर, 1875 (साहित्यिक पत्रिका ‘बंगदर्शन’ में) |
| भाषा और लिपि | संस्कृत (बंगाली लिपि का उपयोग करते हुए) |
| प्रसिद्ध उपन्यास | आनंदमठ (1882) – इसमें सन्यासी विद्रोह का वर्णन है। |
| प्रथम सार्वजनिक गायन | 1896 में रवींद्रनाथ टैगोर द्वारा (कांग्रेस के कलकत्ता अधिवेशन में)। |
| संवैधानिक मान्यता | 24 जनवरी, 1950 को संविधान सभा ने इसे ‘राष्ट्र गीत’ (National Song) घोषित किया। |


