पोलर वर्टेक्स (ध्रुवीय भंवर) क्या है?
संयुक्त राज्य अमेरिका में शक्तिशाली शीतकालीन तूफान “फर्न” (Fern) ने भारी तबाही मचाई है। ओहियो वैली और मिड-साउथ से लेकर न्यू इंग्लैंड तक भारी बर्फबारी, ओलावृष्टि और जमा देने वाली बारिश के कारण अब तक कम से कम सात लोगों की मौत हो चुकी है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, इस तूफान को ध्रुवीय भंवर (Polar Vortex) की सक्रियता से बल मिला है, जिसका विस्तार दक्षिण की ओर हो गया है।
क्या है पोलर वर्टेक्स (ध्रुवीय भंवर)?
ध्रुवीय भंवर पृथ्वी के दोनों ध्रुवों के चारों ओर कम दबाव और ठंडी हवा का एक विशाल क्षेत्र है। “भंवर” (Vortex) शब्द हवा के उस वामावर्त (counter-clockwise) प्रवाह को संदर्भित करता है जो ठंडी हवा को ध्रुवों के पास बनाए रखने में मदद करता है।
मुख्य विशेषताएं:
- अवस्थिति: यह ध्रुवों के पास हमेशा मौजूद रहता है, लेकिन गर्मियों में कमजोर और सर्दियों में मजबूत हो जाता है।
- प्रकार: यह दो प्रकार का होता है:
- क्षोभमंडलीय (Tropospheric): वायुमंडल की सबसे निचली परत (सतह से 10-15 किमी ऊपर) में, जहाँ अधिकांश मौसम संबंधी घटनाएँ होती हैं।
- समतापमंडलीय (Stratospheric): 15 किमी से 50 किमी की ऊँचाई पर। यह गर्मियों में गायब हो जाता है और शरद ऋतु में सबसे मजबूत होता है।
ठंड का दक्षिण की ओर बढ़ना और जेट स्ट्रीम की भूमिका
सामान्यतः, जब ध्रुवीय भंवर मजबूत और स्थिर होता है, तो यह जेट स्ट्रीम (वायुमंडल के ऊपरी स्तरों में तेज हवा की एक संकीर्ण पट्टी) को एक गोलाकार पथ में बनाए रखता है। यह जेट स्ट्रीम ठंडी हवा को उत्तर में और गर्म हवा को दक्षिण में रखने का काम करती है।
हालाँकि, जब उत्तरी ध्रुव पर ध्रुवीय भंवर कमजोर हो जाता है, तो यह अपनी सामान्य स्थिति से हटकर दक्षिण की ओर बढ़ने लगता है। इसके कारण जेट स्ट्रीम का मार्ग बदल जाता है और आर्कटिक की अत्यधिक ठंडी हवाएँ अमेरिका, यूरोप और एशिया के हिस्सों तक पहुँच जाती हैं।
महत्वपूर्ण तथ्य
- सतही घटना नहीं: ध्रुवीय भंवर पृथ्वी की सतह पर होने वाली घटना नहीं है। मौसम विज्ञानी इसका आकलन वायुमंडल में हजारों फीट ऊपर की स्थितियों को देखकर करते हैं।
- वैश्विक प्रभाव: यह केवल अमेरिका तक सीमित नहीं है। यूरोप और एशिया के हिस्सों में भी ध्रुवीय भंवर से जुड़ी शीत लहरें (cold surges) महसूस की जाती हैं।


