चिनाब नदी पर ‘दुलहस्ती स्टेज-II’ हाइड्रो प्रोजेक्ट को मिली मंजूरी
केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय की एक्सपर्ट अप्रैजल कमेटी (EAC) ने जम्मू और कश्मीर के किश्तवाड़ ज़िले में चिनाब नदी पर 260 मेगावाट के दुलहस्ती स्टेज-II हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को हरी झंडी दे दी है। यह फैसला रणनीतिक और आर्थिक दोनों दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सिंधु जल संधि के निलंबन का असर
यह मंजूरी भारत सरकार द्वारा पाकिस्तान के साथ सिंधु जल संधि (Indus Waters Treaty), 1960 को निलंबित करने के साहसिक फैसले के बाद आई है। उल्लेखनीय है कि अप्रैल 2025 में पहलगाम में हुए घातक आतंकी हमले के बाद भारत ने इस संधि को स्थगित कर दिया था।
- पुरानी व्यवस्था: संधि के तहत चिनाब, झेलम और सिंधु नदियों के पानी के उपयोग का प्राथमिक अधिकार पाकिस्तान के पास था।
- वर्तमान स्थिति: संधि के निलंबन के बाद, भारत अब सिंधु बेसिन की इन नदियों पर अपनी जल विद्युत क्षमता का पूर्ण उपयोग करने की दिशा में तेजी से बढ़ रहा है।
दुलहस्ती स्टेज-I का विस्तार
दुलहस्ती स्टेज-II प्रोजेक्ट वास्तव में मौजूदा 390 मेगावाट दुलहस्ती स्टेज-I (दुलहस्ती पावर स्टेशन) का विस्तार है।
- संचालन: स्टेज-I का संचालन नेशनल हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHPC) द्वारा 2007 से सफलतापूर्वक किया जा रहा है।
- क्षमता: नए स्टेज-II के जुड़ने से इस क्षेत्र की कुल बिजली उत्पादन क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।
चिनाब बेसिन में अन्य प्रमुख प्रोजेक्ट्स
सरकार केवल दुलहस्ती ही नहीं, बल्कि चिनाब और सिंधु बेसिन में कई अन्य रुकी हुई या नई परियोजनाओं पर भी युद्ध स्तर पर काम कर रही है। इनमें शामिल हैं:
- सवालकोट और रतले
- पाकल दुल, क्वार और किरू
- बुरसर और कीरथाई I एवं II


