भारत-ओमान CEPA पर हस्ताक्षर
नई दिल्ली | 18 दिसंबर, 2025 भारत और ओमान ने द्विपक्षीय व्यापारिक संबंधों में एक नया अध्याय लिखते हुए आज व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते (CEPA) पर हस्ताक्षर किए। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक की गरिमामयी उपस्थिति में इस समझौते को अंतिम रूप दिया गया। यह पिछले छह महीनों में यूनाइटेड किंगडम के बाद भारत द्वारा हस्ताक्षरित दूसरा प्रमुख मुक्त व्यापार समझौता है।
भारतीय निर्यात के लिए ‘ज़ीरो-ड्यूटी’ के द्वार खुले
इस समझौते के तहत ओमान ने भारतीय वस्तुओं के लिए अपने बाज़ार को अभूतपूर्व रूप से खोल दिया है।
- 98.08% टैरिफ लाइनों पर ज़ीरो-ड्यूटी एक्सेस की पेशकश की गई है।
- यह मूल्य के आधार पर भारत के 99.38% निर्यात को कवर करता है।
- लगभग 98% टैरिफ लाइनों पर शुल्क तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दिया जाएगा।
प्रमुख क्षेत्रों और MSMEs को मिलेगा बढ़ावा
टैरिफ खत्म होने से भारत के श्रम-गहन क्षेत्रों (Labor-intensive sectors) को सीधा लाभ होगा, जिनमें शामिल हैं:
- कपड़ा, चमड़ा और जूते।
- रत्न एवं आभूषण, इंजीनियरिंग सामान और प्लास्टिक।
- फार्मास्यूटिकल्स, चिकित्सा उपकरण और ऑटोमोबाइल। इस कदम से न केवल निर्यात बढ़ेगा, बल्कि बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होगा और विशेष रूप से MSMEs, कारीगरों और महिलाओं के नेतृत्व वाले उद्यमों को वैश्विक मंच मिलेगा।
संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा के साथ उदारीकरण
भारत ने भी ओमान के लिए अपनी 78% टैरिफ लाइनों को उदार बनाया है, जो ओमान से होने वाले 95% आयात को कवर करती हैं। हालांकि, भारत ने अपने संवेदनशील क्षेत्रों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की है:
- सुरक्षित क्षेत्र: कृषि, डेयरी, चाय, कॉफी और कीमती धातुएं।
- सुरक्षा तंत्र: इन क्षेत्रों को छूट (Exemptions) और टैरिफ-दर कोटा के माध्यम से संरक्षित रखा गया है।
सेवा क्षेत्र और ‘मोड 4’ प्रतिबद्धताएं: पेशेवरों के लिए बड़ी जीत
पहली बार ओमान ने 127 सेवा उप-क्षेत्रों में महत्वाकांक्षी वादे किए हैं। सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि ‘मोड 4’ (प्राकृतिक व्यक्तियों की आवाजाही) के तहत मिली है:
- भारतीय पेशेवरों के लिए अवसर: इंट्रा-कॉर्पोरेट ट्रांसफर, स्वतंत्र पेशेवरों और संविदात्मक सेवा प्रदाताओं के लिए ओमान में प्रवेश और ठहरने के नियमों को आसान बनाया गया है।
- पारंपरिक चिकित्सा: ओमान ने सेवाओं की आपूर्ति के सभी तरीकों में पारंपरिक चिकित्सा पर व्यापक प्रतिबद्धताएं दिखाई हैं।
100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) की अनुमति
यह समझौता भारतीय कंपनियों को ओमान के प्रमुख सेवा क्षेत्रों में 100% प्रत्यक्ष विदेशी निवेश करने की अनुमति देता है। इससे भारतीय फर्मों को खाड़ी क्षेत्र में अपनी उपस्थिति स्थापित करने और विस्तार करने का सुनहरा अवसर मिलेगा।


