प्रधानमंत्री की मलेशिया यात्रा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 फरवरी, 2026 को मलेशिया की अपनी दो दिवसीय सफल यात्रा संपन्न कर स्वदेश के लिए रवाना हुए। इस यात्रा के दौरान उन्होंने अपने समकक्ष अनवर इब्राहिम के साथ व्यापक चर्चा की, जिसमें विशेष रूप से रक्षा और सुरक्षा संबंधों को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित किया गया।

प्रमुख द्विपक्षीय समझौते और सहयोग

यात्रा के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया गया, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग को दर्शाते हैं। इनमें प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं:

  • सुरक्षा और रक्षा: सुरक्षा सहयोग, संयुक्त राष्ट्र (UN) शांति स्थापना और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई।
  • तकनीक और उद्योग: सेमीकंडक्टर, आपदा प्रबंधन और ऑडियो-विजुअल को-प्रोडक्शन।
  • जन कल्याण: स्वास्थ्य और औषधि, व्यावसायिक शिक्षा और मलेशिया में भारतीय श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा।
  • डिजिटल भुगतान: सीमा पार भुगतान लिंक विकसित करने के लिए NPCI इंटरनेशनल लिमिटेड (NIPL) और PayNet मलेशिया के बीच एक महत्वपूर्ण समझौता हुआ, जिससे डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा मिलेगा।

रणनीतिक विजन: ‘IMPACT’

प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि भारत और मलेशिया की द्विपक्षीय साझेदारी ‘IMPACT’ के विजन से निर्देशित है। इसका अर्थ है:

India–Malaysia Partnership for Advancing Collective Transformation (सामूहिक परिवर्तन को आगे बढ़ाने के लिए भारत-मलेशिया साझेदारी)

भारतीय प्रवासियों के लिए बड़ी घोषणाएं

7 फरवरी को एक भव्य कार्यक्रम में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने उन्हें भारत और मलेशिया के बीच एक “जीवंत सेतु” बताया। इस अवसर पर उन्होंने दो महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:

  1. नया वाणिज्य दूतावास (Consulate): मलेशिया में भारतीय नागरिकों की सुविधा के लिए एक नया वाणिज्य दूतावास खोला जाएगा।
  2. तिरुवल्लुवर छात्रवृत्ति: मलेशियाई छात्रों को भारत में अध्ययन करने में मदद करने के लिए ‘तिरुवल्लुवर स्कॉलरशिप’ की शुरुआत की गई है।

प्रधानमंत्री की यह यात्रा दक्षिण-पूर्व एशिया में भारत की ‘एक्ट ईस्ट’ नीति को और अधिक मजबूती प्रदान करने वाली मानी जा रही है।

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