भारत-इंडोनेशिया ‘अस्त्र Mk 1 BVRAAM’ आपूर्ति समझौता

भारत और इंडोनेशिया ने 7 जुलाई को ‘अस्त्र एमके 1’ (Astra Mk 1) बियॉन्ड-विजुअल-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइल (BVRAAM) की आपूर्ति के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। पहली बार किसी अन्य देश को अस्त्र मिसाइलों की आपूर्ति की जा रही है। ये मिसाइलें इंडोनेशिया के सुखोई (Su-30) लड़ाकू विमानों के बेड़े को आधुनिक और शक्तिशाली बनाएंगी।

यह ऐतिहासिक समझौता  कई अन्य प्रमुख समझौतों के साथ हुआ है—जिसमें ब्रह्मोस (BrahMos) सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों की बिक्री, प्रमुख रक्षा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण (technology transfers), महत्वपूर्ण खनिजों का निष्कर्षण (critical mineral extraction) और समुद्री सुरक्षा शामिल हैं।

‘अस्त्र’ मिसाइल और इसकी क्षमताएं

रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (DRDO) द्वारा विकसित, ‘अस्त्र’ स्वदेशी बियॉन्ड-विजुअल-रेंज एयर-टू-एयर मिसाइलों (BVRAAM) की एक श्रेणी है, जिसे भारतीय वायुसेना और नौसेना के साथ एकीकृत किया जाएगा।

  • बियॉन्ड-विजुअल-रेंज (BVR): ये ऐसी मिसाइलें होती हैं जो 20 समुद्री मील (यानी लगभग 37 किमी) से अधिक की दूरी पर लक्ष्य को भेदने में सक्षम होती हैं।
  • हवा से हवा में मारक क्षमता (Air-to-Air): ये मिसाइलें मुख्य रूप से किसी हवाई प्लेटफॉर्म (जैसे लड़ाकू विमान) से दुश्मन के हवाई लक्ष्य को नष्ट करने के लिए दागी जाती हैं।

अस्त्र एमके 1 (Astra Mk 1) की मुख्य विशेषताएं

  • रेंज और गति: अस्त्र एमके 1 की मारक क्षमता 80 से 110 किमी है, यह 20 किमी तक की ऊंचाई तक जा सकती है और इसकी गति मैक 4.5 (ध्वनि की गति से 4.5 गुना तेज) है।
  • तकनीकी विशेषताएं: इस मिसाइल की प्रमुख विशेषताओं में जड़त्वीय मार्गदर्शन (inertial guidance), मिड-कोर्स अपडेट और टर्मिनल एक्टिव रडार होमिंग शामिल हैं।
  • सफल परीक्षण: वर्ष 2025 में, DRDO और भारतीय वायु सेना (IAF) ने सुखोई-30 एमकेआई (Su-30 MKI) लड़ाकू विमान से स्वदेशी रेडियो फ्रीक्वेंसी (RF) सीकर से लैस अस्त्र एमके 1 का सफल उड़ान परीक्षण किया था।

अस्त्र एमके 2 

अस्त्र एमके 1 के अधिक उन्नत संस्करण—अस्त्र एमके 2—की रेंज को पहले तय की गई लगभग 160 किमी की दूरी से बढ़ाकर अब 200 किमी कर दिया गया है।

प्रणोदन (Propulsion) में अंतर: जहाँ अस्त्र एमके 1 सिंगल-पल्स धुआंरहित ठोस-ईंधन मोटर (single-pulse smokeless solid-fuel motor) का उपयोग करता है, वहीं अस्त्र एमके 2 एक शक्तिशाली डुअल-पल्स सॉलिड रॉकेट मोटर (dual-pulse solid rocket motor) द्वारा संचालित है। यह तकनीक मिसाइल को उड़ान के दौरान अधिक ऊर्जा बचाने और अंतिम चरण (terminal phase) में मोटर को फिर से चालू करने की अनुमति देती है।

अस्त्र एमके 3 (गांडीव)-विकास चरण में

अस्त्र एमके 3 अभी DRDO द्वारा विकास के चरण में है। आधिकारिक तौर पर ‘गांडीव’ (Gandiva) नाम की यह मिसाइल भारत की सबसे उन्नत BVRAAM होगी।

यह संभवतः सॉलिड फ्यूल डक्टेड रैमजेट (SFDR) इंजन द्वारा संचालित होगी। यह तकनीक पारंपरिक रॉकेट मोटरों की तरह बीच में ईंधन खत्म होने के बजाय, मिसाइल को उड़ान के बीच में भी निरंतर थ्रस्ट (Continuous Thrust) बनाए रखने में मदद करेगी।

Source: Indian Express

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