भारत-अमेरिका व्यापार समझौता
भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ने एक ऐतिहासिक ‘अंतरिम समझौते’ (Interim Agreement) की शर्तों पर सहमति व्यक्त की है, जिसका उद्देश्य दोनों देशों के बीच पारस्परिक और लाभकारी व्यापार को बढ़ावा देना है। 6 फरवरी को जारी एक संयुक्त बयान में इस महत्वपूर्ण प्रगति की घोषणा की गई।
ऊर्जा और विमानन क्षेत्र में बड़ा निवेश
इस समझौते के तहत, भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से 500 बिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य के उत्पादों को खरीदने की अपनी मंशा जाहिर की है। इस विशाल राशि का उपयोग निम्नलिखित के लिए किया जाएगा:
- ऊर्जा उत्पाद और कोकिंग कोल।
- हवाई जहाज और उनके पुर्जे।
- कीमती धातुएं और उच्च तकनीक वाले उत्पाद।
तकनीकी और डिजिटल सहयोग
दोनों देशों ने तकनीकी व्यापार, विशेष रूप से डेटा सेंटर्स में उपयोग किए जाने वाले ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट्स (GPUs) के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही, द्विपक्षीय व्यापार समझौते के तहत ‘डिजिटल ट्रेड नियमों’ के लिए एक मार्ग तैयार किया गया है, जो डिजिटल व्यापार की बाधाओं को दूर करेगा।
भारतीय उत्पादों को सुरक्षा कवच
भारत सरकार ने इस समझौते के दौरान घरेलू उद्योगों और किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की है। निम्नलिखित उत्पादों को आयात रियायतों से बाहर रखा गया है (संरक्षित किया गया है):
- सब्जियां: फ्रोजन आलू, मटर, खीरा, बीन्स, मशरूम और मिश्रित डिब्बाबंद सब्जियां।
- डेयरी उत्पाद: दूध (तरल और पाउडर), पनीर, क्रीम, मक्खन, दही, छाछ और घी।
- अनाज: रागी, गेहूं, मक्का, बाजरा, चावल, जौ, जई (oats), और विभिन्न प्रकार के आटे।
- मसाले: काली मिर्च, सूखी मिर्च, दालचीनी, धनिया, जीरा, हींग, अदरक, हल्दी और सरसों।
अमेरिकी वस्तुओं पर शुल्क में कटौती
बदले में, भारत अमेरिकी औद्योगिक वस्तुओं और कृषि उत्पादों जैसे कि ट्री नट्स, फल, सोयाबीन तेल, वाइन और स्पिरिट्स पर टैरिफ (सीमा शुल्क) कम या समाप्त करेगा।
टैरिफ में भारी गिरावट
भारतीय निर्यातकों के लिए एक बड़ी राहत की खबर यह है कि अगस्त 2025 से भारतीय वस्तुओं पर अमेरिका द्वारा लगाए गए 50% टैरिफ को अब घटाकर 18% कर दिया गया है।


