सरकार ने कोलकाता पोर्ट पर ऐतिहासिक बैसक्यूल ब्रिज के नवीनीकरण को मंजूरी दी
केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय ने कोलकाता के श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट पर स्थित ऐतिहासिक बेसक्यूल ब्रिज (Bascule Bridge) के नवीनीकरण को मंजूरी दे दी है। इस परियोजना का उद्देश्य सुरक्षा और परिचालन दक्षता को बढ़ाना है, जिसके लिए ₹117.54 करोड़ की लागत निर्धारित की गई है।
- उद्देश्य: कोलकाता डॉक सिस्टम (KDS) की कार्यक्षमता और सुरक्षा को बेहतर बनाना।
- परियोजना का स्वरूप: कोलकाता डॉक सिस्टम पर स्थित लगभग छह दशक पुराने डबल-लीफ बेसक्यूल ब्रिज का आधुनिकीकरण।
- मूल निर्माता: इस पुल का निर्माण मूल रूप से ‘वैगनर-बिरो ब्रिज सिस्टम्स एजी’ (Wagner-Biro Bridge Systems AG) द्वारा किया गया था।
- प्रमुख कार्य: पुल की विश्वसनीयता और सुरक्षा में सुधार के लिए व्यापक संरचनात्मक मजबूती (structural strengthening) के साथ-साथ इलेक्ट्रो-मैकेनिकल अपग्रेड किए जाएंगे।
- कार्यान्वयन एजेंसी: इस परियोजना को रेल विकास निगम लिमिटेड (RVNL) द्वारा लागू किया जाएगा।
बेसक्यूल ब्रिज (Bascule Bridge) क्या है?
बेसक्यूल ब्रिज एक प्रकार का व्यापक रूप से उपयोग किया जाने वाला गतिमान पुल (moveable bridge) है। इसकी मुख्य विशेषता यह है कि इसके मुख्य गर्डर (girders) और डेक (deck) को स्पैन (span) के अंत में स्थित कब्जे (hinge) के चारों ओर ऊपर उठाया जा सकता है।
Source: PIB


